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शनिवार, 20 फ़रवरी 2021

प्राइवेसी कुछ नहीं महज भ्रम है


अमां, छोड़िए भी- क्या कीजिएगा इतनी प्राइवेसी का! व्हाट्सएप या फेसबुक पर रहकर प्राइवेसी पर चिंता जतलाना हमें शोभा नहीं देता। वहां हमने प्राइवेसी लायक कुछ रख छोड़ा ही नहीं फिर काहे की हाय-हाय, काएं-काएं। व्हाट्सएप अखबारों में बड़े-बड़े विज्ञापन देकर कह तो रहा है कि सबकी प्राइवेसी सुरक्षित है, तो मान लीजिए- है।

हैरान हूं, प्राइवेसी की बात वे लोग कर रहे हैं, जिनका सवेरा ही आज क्या खाया, आज क्या पिया, आज क्या पहना, आज कहां की सैर की, आज किस करवट बिस्तर पर सोए- टाइप स्टेटस अपडेट करने से होता है। जिन्हें जरा-सी छींक भी आ जाए तो तुरंत फेसबुक पर पोस्ट कर देते हैं। फिर कमेंट करने वाले भी उन्हें तरह-तरह सलाहें देने लग जाते हैं। जब उनसे ये सब सोशल मीडिया पर न डालने को टोको तो उल्टा दस बातें सुना देते हैं कि अपना ज्ञान अपने पास रखो। या आपकी सोच पिछड़ी है। कम से कम ऐसे लोगों को तो प्राइवेसी की रत्तीभर भी चिंता नहीं करनी चाहिए। 

यकीन कीजिए, सोशल मीडिया पर हम सबकी प्राइवेसी उघड़ी हुई है। व्हाट्सएप से लेकर गूगल तक को पता है कि हम कब सो रहे हैं। कब जाग रहे हैं। बेडरूम में किससे क्या बातें कर रहे हैं। हमारे दिमाग में क्या चल रहा है। हम क्या खरीद, क्या बेच रहे हैं। 

मैंने तो अपने फोन से लेकर फेसबुक-व्हाट्सएप तक में किसी पर 'लॉक' नहीं लगा रखा है। सब कुछ खुला है। जहां लोग एक-एक कर व्हाट्सएप छोड़ रहे हैं, मैं अभी भी इस पर बना हुआ हूं और बना रहूंगा। एक एप को त्यागकर दूसरी एप में प्रवेश कतई समझदारी नहीं। फिर, इस बात की क्या गारंटी कि दूसरी एप आपसे आपकी पर्सनल डिटेल नहीं मांगेगी। तो जो भी देना है व्हाट्सएप को ही दे दो न। क्या हर्ज है।

सोशल मीडिया की दुनिया में सबसे पहली बार जब कदम रखा था, तब ही मैंने अपनी कथित प्राइवेसी को टाटा-बाय-बाय बोल दिया था। यों भी, मेरे पास ऐसा कुछ निजी है भी नहीं, जिस पर ताले ठोकता रहूं। जब सेलिब्रिटीज की पर्सनल चैट पब्लिक हो सकती है तो यहां कुछ भी हो सकता है। प्राइवेसी का दावा करना तो महज भ्रम है पियारे।

न न अधिक टेंसन न लीजिए, व्हाट्सएप को जैसे चला रहे हैं चलाते रहिए। या तो इस मैदान को हमेशा के लिए छोड़ दीजिए अगर बने रहना है तो मुसले खाने से बिदकिए मत। 

व्हाट्सएप और फेसबुक का नशा चरस से भी बुरा है। लेकिन हम शौक से ले रहे हैं। एक पल इनको न देखें तो दिल को चैन नहीं पड़ता। कुछ का तो सवेरा भी इन्हीं पर होता है, रात भी। आधे घण्टे भी स्टेटस अपडेट न करो तो उंगलियां कुलबुलाने लगती हैं। यात्राओं की फोटुएं न डालो तो लगता ही नहीं कि कहीं घूमे। तिस पर भी लोग कहते हैं कि व्हाट्सएप उनकी निजता का हनन कर रहा है। कमाल करते हैं।

आगे जो होगा देखा जाएगा फिलहाल व्हाट्सएप पर बना रहूंगा। अपनी प्राइवेसी का रोना किसी से नहीं रोऊंगा। जब सबकी खतरे में पड़ेगी तो मैं ही कौन-सा बच जाऊंगा। प्राइवेसी को लेकर क्यों इतना चिंतित होना। ये तो हमें इस प्लेटफॉर्म पर आने से पहले सोचना था न। 

हे! व्हाट्सएप मैं तुझे अपनी प्राइवेसी का हनन करने की पूरी छूट देता हूं।

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