मंगलवार, 17 जुलाई 2018

स्मार्टफोन न खरीद पाने का दुख

यों तो ऊपर वाले का दिया मेरे पास सबकुछ है, बस स्मार्टफोन ही नहीं है। ऐसा नहीं है कि मैं स्मार्टफोन खरीद नहीं सकता। खरीद सकता हूं, लेकिन खरीदता इसलिए नहीं क्योंकि स्मार्टफोन मेरे लिए 'अशुभ' है!

पिछले दिनों शहर के एक ऊंचे ज्योतिष ने- मेरे ग्रहों के बर्ताव को देखते हुए- मुझे हिदायत दी कि मैं स्मार्टफोन न ही रखूं! यह मेरी सेहत और व्यवहार के वास्ते विकट अशुभ साबित हो सकता है! उन्होंने यह भी बताया- इसका असर मेरे जीवन पर तकरीबन दस साल तक बना रहेगा।

इस अशुभता से निजात पाने का जो उपाय उन्होंने बताया वो मेरे तईं कम से कम इस जीवन में तो कर पाना संभव नहीं। उपाय यह है कि हर हफ्ते शनिवार के दिन मुझे अपनी पत्नी से लड़ाई करनी होगी! पत्नी से लड़ लेने का मतलब आप समझते हैं न। अंधे कुएं में छलांग लगाने से क्या हासिल!

इसलिए चाहते हुए भी मैं स्मार्टफोन नहीं खरीद सकता।

बिन स्मार्टफोन के मेरी जेब और लाइफ तकरीबन खाली-खाली सी लगती है। इस दर्द को केवल मैं ही समझ सकता हूं। कई दफा दिल में उचंग उठती है कि ग्रहों की बंदिशों को धकिया कर अभी बाजार जाऊं और एक बढ़िया-सा स्मार्टफोन खरीद लूं। मगर नहीं खरीदता। कल को कहीं ग्रहों में ऊंच-नीच हो गई तो सारा दोष मेरे माथे ही मढ़ दिया जाएगा।

स्मार्टफोन का न होना मेरे लिए दुनिया के तमाम दुखों से कहीं बड़ा दुख है। कभी-कभी तो इस वहज से मैं ऑफिस और नाते-रिश्तेदारियों में होने वाले फंक्शन में भी नहीं जाता। क्या भरोसा कोई पूछ ही बैठे, आपके पास स्मार्टफोन नहीं है क्या? तब मेरे पास आसमान को ताकने के सिवाय कोई और रास्ता न होगा!

आप यकीन नहीं करेंगे, मेरे तो ऑफिस-बॉय के पास भी स्मार्टफोन है! अक्सर ही वो मुझे मेरे पास स्मार्टफोन न होने का अहसास कराता रहता है।

स्मार्टफोन पास होता है तो मन और जीवन में एक आत्मविश्वास-सा बना रहता है। दुनिया वालों पर एक ठसक सी कायम रहती है, सो अलग।

वाकई बड़े खुशनसीब हैं वे लोग जो स्मार्टफोन रखते हैं। सुना है, स्मार्टफोन रखने वालों के सितारे कभी गर्दिश में नहीं आते! जिसके पास स्मार्टफोन होता है, दुनिया उसे उसी तरह झुककर सलाम ठोकती है, जैसे पहले कभी मारुति-800 रखने वालों को ठोका करती थी।

समाज के बीच अपने स्टेटस को बनाए रखने के लिए इंसान क्या-क्या नहीं करता।

ग्रहों और ज्योतिष महाराज के मुताबिक अभी मुझे दस साल स्मार्टफोन के लिए इंतजार करना होगा। दस साल में दुनिया-समाज जाने कहां से कहां पहुंच जाएगा। यहां तो एक पल में ही टेक्नोलॉजी के भीतर-बाहर कितना कुछ बदल जाता है।

इस बात की भी क्या गारंटी है कि दस साल तक मैं इस धरती पर बना ही रहूं! लाइफ की कोई वेलिडिटी न होती प्यारे।

2 टिप्‍पणियां:

अनाम ने कहा…

समार्टफोन सच में सेहत के लिए हानिकारक है | यह व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है |

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 100वां जन्म दिवस - नेल्सन मंडेला और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।