सोमवार, 2 अप्रैल 2018

निजता का लीक होना

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी कभी था। अब सोशल मीडिया का प्राणी है। जागने से लेकर सोने तक के सारे काम अब वो सोशल मीडिया पर 'ही' करता है। उसकी उंगलियों को तब तक चैन नहीं पड़ता जब तक वो उससे छोटी से छोटी बात का स्टेटस उसके फेसबुक पर डलवा नहीं लेतीं।

सोशल मीडिया पर किसी का किसी से कुछ भी छिपा नहीं है। हर कोई हर एक के बारे में उसकी पसंद, उसके टहलने-घुमने का समय, उसने क्या खाया, क्या पचाया, कब किससे कहां मिला सब जानता है। आलम यह है कि दो पड़ोसी आपस में एक-दूसरे को न जानते हों, न कभी मिले हों पर सोशल मीडिया पर सारी औपचारिकताएं निभा लेते हैं। व्यक्तिगत रूप से मिलना अब बोझ टाइप मामला लगने लगा है।

इतना कुछ सोशल मीडिया पर डालते रहने पर कभी-कभी वो चीजें भी यहां आ लेती हैं जिन्हें नहीं आना चाहिए। निजता में खलल पड़ने जैसा मामला हो जाता है। निजता में खलल पड़ते ही लिकिंग का दौर शुरू हो जाता है। न केवल सोशल मीडिया, बाहर पर खूब हंगामा मचता है।
जिनका डाटा लीक होता है वो तो शोर मचाते हैं ही, वो लोग भी खूब उछल-कूद करते हैं जिन्हें इस मसले से न लेना एक न देना दो होता है। बहती गंगा में भला कौन हाथ नहीं धोना चाहेगा।

डाटा लीक के मुद्दे पर जितना राजनीतिक दल आपस में मुंह-जोरी कर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा बुद्धिजीवि सुलग रहे हैं। ये सारा सीन घटित हो सोशल मीडिया पर ही रहा है। हालांकि हमाम में नंगे सभी हैं पर स्वीकार कोई नहीं करना चाहता। निजता पर बहसबाजी चल अवश्य रही है पर छींकने, खंखारने की पोस्टें और पाउट बनाने की सेल्फियां फिर भी फेसबुक पर छाई हुई हैं। इनमें कहीं कोई कमी नहीं आई है।

लोग इतनी-सी बात नहीं समझते कि सोशल मीडिया या फेसबुक पर हमारा कुछ भी निजी नहीं है। सबकुछ पब्लिक डोमेन है। हमने खुद ही सबको यह अधिकार दे रखा है कि 'आओ, हमारा कुछ भी लीक कर जाओ।'

सोशल मीडिया पर निजता का लीक होने भी 'बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा' टाइप मामला है। यहां जिसकी निजता सबसे अधिक लीक हुई है, वो रात भर में सेलिब्रिटी बन गया। मसला यह नहीं है कि क्या लीक हुआ, सुकून इस बात का है कि जो लीक हुआ चलो अच्छा ही हुआ। घर बैठे मिला फेम भला कौन नहीं लेना चाहेगा!

सौ बात की एक बात ये है पियारे कि निजताएं कितनी भी क्यों न लीक हो जाएं लेकिन हम सोशल मीडिया या फेसबुक का साथ नहीं छोड़ने वाले। चूंकि लिकिंग का मामला अभी नया-नया है तो हल्ला कट भी रहा है, जैसे-जैसे लीकता के मामले पुराने पड़ने लगेंगे सब भूल जाएंगे। कुछ दिनों बाद लोग खुद ही कहते मिलेंगे- जैसे पैसा हाथ का मैल है, उसी तरह निजता का लीक होने सोशल मीडिया का मैल है। लेकिन यह मैल डिजिटल है अतः लोगों से सध जाएगा।

फिर भी, आप अपनी निजता के लीक होने की चिंताएं करना चाहते हैं तो शौक से करें। आखिर दिमाग है आपका।

कोई टिप्पणी नहीं: