बुधवार, 21 फ़रवरी 2018

शादी मुबारक इमरान भाई

'इमरान (भाई) खान को तीसरी शादी मुबारक।'

इतना स्टेटस लिख मैंने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया ही था कि मुझे तरह-तरह के ताने दिए जाने लगे। पहली आपत्ति तो लोगों को यही थी कि मैंने पड़ोसी (दुश्मन) मुल्क के किसी बंदे को मुबारक दी ही क्यों? इस खबर को इग्नोर क्यों नहीं किया? एक सज्जन ने पूछा कि तीसरी शादी की भी क्या कोई मुबारकबाद देता है? एक और सज्जन ने लिखा- शादी एक पवित्र बंधन है। इमरान खान ने तीन शादियां कर इस पवित्र बंधन का मजाक उड़ाया है।

क़िस्सा-कोताह यह कि किसी को भी इमरान भाई का तीन शादियां करना जंचा नहीं। न जंचे। न पसंद आए। इससे उनकी सेहत पर तो फर्क पड़ने से रहा। वैसे भी, शादी करना या दो या तीन करना यह तो बंदे का नितांत निजी फैसला है। भला हम-आप कौन होते हैं अगले को रोकने-टोकने वाले। फिर, कोई न कोई वजह तो रही ही होगी न जो इमरान भाई को तीसरी शादी का विकल्प चुनना पड़ा। इतनी महंगाई के जमाने में भला कौन खुद पर अतिरिक्त खर्चे लादना चाहेगा! जरा ठंडे दिमाग से विचार कीजिए।

यों, शादी करना कोई गुनाह तो नहीं! मेरा बचपन से मानना रहा है, जब तलक सांसे चलती रहें बंदे-बंदी को अपना दिल जवान रखना चाहिए। दिल में आपके जितनी जगह होगी, उतना मानसिक सुकून भी हासिल होगा। इमरान भाई जैसे लोग भी हैं दुनिया में जो तीन शादियां कर अपने दिल और जज्बात को जवान रखे हुए हैं।

कुछ लोग इमरान भाई की उम्र पर भी बेवजह सवाल उठा रहे हैं। शादी से उम्र का क्या मतलब? इतिहास ऐसे उदाहरणों से भरा पड़ा है, जिनमें उम्र के बंधन को दर-किनार कर शादियां की गईं हैं। अभी हाल हमारे यहां कबीर बेदी ने भी तो अपनी उम्र से बेहद कम उम्र की लड़की से शादी की थी। तब भी कई सवाल उठे थे। पर 'जब मियां-बीवी राजी तो क्या करेगा काजी।'

किसी को हो या न हो पर मुझे तो इमरान भाई की शादी पर गर्व है। जिस स्टेज में लोग अपनी तमाम जिम्मेवारियों से निजात पा चुकने के करीब या फिर ऊपर जाने की तैयारियों में अस्त-व्यस्त होते हैं उस स्टेज पर इमरान भाई ने शादी कर संसार में एक 'ऊंची मिसाल' पेश की है। साथ ही, यह सीख है उन लोगों के लिए भी जो एक शादी को ही जी का जंजाल समझ बैठते हैं।

यह मेरा निजी मत है कि आदमी को जीवन में शादी के लिए दो-चार विकल्प तो रखने चाहिए ही। आजकल जमाना बहुत दुष्ट हो चला है। किसी के पेट के अंदर का कुछ पता नहीं। कौन, कब, कहां 'गच्चा' दे जाए। सो, अपनी खुशहाली अपने हाथ।

सुना है, इमरान भाई की बीवी उनकी 'आध्यात्मिक गुरु' भी हैं। ऐ! खुदा, ऐसी आध्यात्मिक गुरु जिंदगी के किसी मोड़ पर मुझे भी मिले। आमीन।

2 टिप्‍पणियां:

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन हर एक पल में ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है.... आपके सादर संज्ञान की प्रतीक्षा रहेगी..... आभार...

गगन शर्मा, कुछ अलग सा ने कहा…

अगले "अंक" का इंतजार रहेगा