मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018

इन-बॉक्स में वेलेंटाइन

वेलेंटाइन डे बड़ी सहूलियत के साथ मनाना चाहिए। न दिमाग पर लोड हो न 'लोग क्या कहेंगे' टाइप चिंता। अजी, कुछ लोगों ने तो जन्म ही धरती पर इस शर्त के साथ लिया है कि उन्हें कुछ न कुछ कहते ही रहना है। सो, मोके-बेमौके कहते रहते हैं।

यों, वेलेंटाइन मनाने वाले भला कहां चिंता किया करते हैं लोगों के कहने-सुनने की। चिंता करनी चाहिए भी नहीं। जीवन और दुनिया में वैसे ही चिंताएं क्या कम हैं!

हां, तो मैं कह रहा हूं वेलेंटाइन मनाने की सबसे धांसू जगह फेसबुक का इन-बॉक्स है! सुरक्षित भी। सम्मानजनक भी। हर प्रकार के बाहरी झंझटों से मुक्त। यहां कैसी भी, कितनी भी कसमें खाइए-खिलाइए कोई आपको रोकने-टोकने वाला नहीं। अब तो वीडियो कॉलिंग की भी सुविधा है। जितना दिल चाहे बातें कीजिए। डेटा की कोई फिक्र नहीं। आटे से कहीं सस्ता तो आजकल डेटा मिल रहा है। डेटा कंपनियां अपने ग्राहकों पर पूरी तरह मेहरबान हैं। दो वक्त की रोटी मिले या न मिले पर डेटा मिलने में जरा भी बाधा नहीं आनी चाहिए।

वेलेंटाइन प्रेम-मोहब्बत के इजहार का पर्व है। ये पर्व प्यार के अरमान और अहसास को दिल में जिलाए रखता है। अपने मन की बात जो लोग सीधा नहीं कह पाते इन-बॉक्स में आनकर कह डालते हैं। उद्देश्य- बात पहुंचनी चाहिए चाहे इन-बॉक्स से पहुंचे या लैटर-बॉक्स से।

वैसे, समाज में इन-बॉक्स की इमेज कोई खास अच्छी नहीं। मुझ जैसे इज्जतदार लोग तो इन-बॉक्स की छाया तक से दूर रहते हैं। चाहे कोई कितना ही अपना या करीबी क्यों न हो, मैं तो साफ कह देता हूं- मुझे छत पर आकर मिलना मंजूर है इन-बॉक्स में घुसकर नहीं। आज के निरंतर टेढ़े होते समय में किसी की नीयत का कोई भरोसा नहीं। क्या मालूम कौन घात लगाए बैठा हो, इन-बॉक्स की चैट का स्क्रीनशॉट बनाकर सोशल मीडिया पर वाइरल करने में।

अपना तो एक ही के साथ ढंग से वेलेंटाइन डे मन जाए यही बहुत है। क्या करें, वैवाहिक जीवन के अपने कष्ट है पियारे। मन हो या न हो प्रेम की अलख तो जलाए रखनी ही पड़ती है, नहीं तो रात को रोटी मिले न मिले!

फिर भी हैं कुछ ऐसे इन-बॉक्स वीर जो अपने प्रेम और फ़्लर्ट को साथ-साथ साधे हुए हैं। उन्हें सलाम है मेरा। एक तीर से कई निशाने साधने की कला हमें उनसे सीखनी चाहिए।

इन-बॉक्स में वेलेंटाइन मनाने का एक फायदा यह भी है कि यहां बहुत अधिक शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती। किस्म-किस्म के इमोटिकॉन्स आपकी बात का इजहार करने में सक्षम हैं। हर इमोटिकॉन का मतलब हर कोई समझता है। दो प्रेमियों के बीच इमोटिकॉन्स एक प्रकार से सेतु की भूमिका निभा रहे हैं आजकल।

इन-बॉक्स और व्हाट्सएप्प सबसे सुरक्षित जगहें हैं लव-शव करने के लिए। इन सब पर वेलेंटाइन डे अगर फूल-फल रहा है तो यह प्यार के डिजिटल होने का शुभ संकेत है। आखिर हम 'न्यू इंडिया' में कदम रख चुके हैं भाई।

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