सोमवार, 29 जनवरी 2018

राजनीति में 'रजनीकांत स्टाइल'

रजनीकांत का राजनीति जॉइन करना राजनीति के लिए 'सौभाग्य' की बात है। यकीनन, राजनीति का सीना भी गर्व से फूल गया होगा। अब तक राजनीति में हमें 'मनोरंजन' ही देखने को मिला करता था, अब 'एक्शन' और 'मनोरंजन' दोनों देखने को मिलेंगे।

रजनीकांत की राजनीति उस तरह की नहीं होगी जैसी देश के नेता अब तक करते चले आए हैं। उनकी राजनीति में सबकुछ पलक झपकते ही संभव हो जाएगा। जनता की समस्याओं का निराकरण बुलेट ट्रेन की स्पीड से भी तेज गति से होगा। जिन निर्णयों को लेने में नेता लोग महीनों-सालों लगा देते हैं, उन्हें रजनीकांत स्टाइल में क्षण भर में निपटा दिया जाएगा। भ्रष्टाचार करने वालों पर 'शिवा' कहर बनकर टूटेगा। घोटाला करने से पहले नेता-अफसर सौ दफा सोचेगा कहीं 'रजनी' न आ जाए। न फुटपाथ पर कोई नंगे बदन सोएगा, न सड़कों पर कोई भीख मांगेगा।

'रामराज्य' तो खैर नहीं कह सकता हां 'रजनी-राज्य' की ओर देश अवश्य बढ़ने लगेगा!

अब तक देश ने केजरीवाल जी की 'अलग तरह की राजनीति' देखी, अब रजनीकांत की देखेगा। यह हमारे देश की राजनीति का सौभाग्य है कि इसे थोड़े-थोड़े समय बाद 'अलग तरह की राजनीति' करने वाले नेता मिल जाते हैं।

यों तो राजनीति हर नेता की लगभग एक जैसी ही रहती है बस किरदारों का जरा-बहुत हेर-फेर हो जाता है। चुनावी मौसम में तो राजनीति एकदम फिल्मी सीन की तरह चलने लगती है। हर नेता अभिनेता के रोल में आ जाता है। जनता उसके अभिनय में कभी सनी देओल तो कभी रजनीकांत तलाशती मिलती है।

लेकिन अभिनेता का नेता बनना और भी दिलचस्प होता है। कितना कुछ भी कर ले मगर उसके भीतर से अभिनेता वाले लटके-झटके नहीं जा पाते। किसी न किसी बहाने प्रदर्शित हो ही जाते हैं। देश की राजनीति का रंग-ढंग कुछ ऐसा बन भी लिया है कि यहां जनता को भी तड़क-भड़क और अवतार टाइप नेता भाने लगे हैं।

सिर्फ चुनावी वादे ही नहीं, जनता अपने नेता के कपड़ों से लेकर हाव-भाव और उसकी पर्सनल लाइफ में भी इंटरेस्ट लेती है। ऐसी करिश्माई राजनीति के लिए रजनीकांत एकदम मुफीद नेता हैं। उनका तो हाथ भी इस स्टाइल में उठता है कि उनके प्रेमी उसी पर बिछ जाते हैं।

हर वक़्त की परंपरागत राजनीति देखकर जो बोर हो चुके हैं उन्हें 'रजनीकांत स्टाइल' राजनीति अवश्य ही पसंद आएगी। हां, यह अलग बहस का विषय हो सकता है कि रजनी स्टाइल राजनीति वोट में कितना कन्वर्ट हो पाती है!

ये तो मानना ही पड़ेगा कि रजनीकांत का ऐसा-वैसा नहीं जनता के बीच जबर क्रेज़ है। उनके राजनीति में कदम रखने की खबर आते ही सोशल मीडिया पर तो एक तरह से दिवाली का सीन नजर आने लगा। उनके प्रशंसक नाचने-गाने लगे। बॉलीवुड बधाईयां देने उतर आया। साथ-साथ उन्होंने राजनीति के कई पुराने धुरंधरों को भी खासा परेशानी में डाल दिया।

चलिए खैर। आप तो राजनीति में रजनीकांत के होने को ही अब एन्जॉय कीजिए।

कोई टिप्पणी नहीं: