बुधवार, 1 नवंबर 2017

नेताओं के बिकने पर इतना हंगामा क्यों!

जब दूल्हा बिक सकता है, खिलाड़ी बिक सकते हैं तो नेता क्यों नहीं बिक सकते? समझ नहीं आता- नेताओं के बिकने पर ही इतना हंगामा क्यों खड़ा किया जाता? मीडिया से लेकर समाज-सुधारक तक बिके नेता के पीछे यों पड़ जाते हैं मानो उसने बिककर बहुत बड़ा गुनाह कर दिया हो!

जरा-सी बात लोग नहीं समझते, नेता कोई अपने लिए थोड़े ही न बिकता है! वो बिकता है देश, लोकतंत्र और अपनी पार्टी की खातिर! वो बिकता है ताकि चुनावों के दौरान- बरसों से चली आ रही खरीद-फरोख्त की परंपरा को जिंदा रख सके! परंपराओं के साथ जुड़ाव जितना नेता लोग रख लेते हैं उतना कोई न रख पाता!

चुनावी माहौल में तो नेताओं की खरीद-बेच कोई नई बात नहीं होती। तकरीबन हर पार्टी में ये चलता है। नेताओं की खरीद-फरोख्त एक तरह से 'चुनावी शगुन' टाइप होती है। बिना इसको निभाए न चुनावों में मजा आता है न हार-जीत को देखने में।

राजनीति में विचारधाराएं अब बीते जमाने की बातें हुईं। विचारधारा के हिसाब से नेता या पार्टी अगर चलने लगे न तो चार दिन में ही भट्टा बैठ जाएगा। हां, देश, समाज और जनता को दिखाने को हर नेता और पार्टी अपनी-अपनी विचारधारा का गुणगान अवश्य करते हैं किंतु वास्तविकता में यह सब होता नहीं। सिंपल-सी बात है, आज की तारीख में न तो कोई दल दूध का धुला है न ही कोई नेता हमाम में नंगा। हर कोई अपने तरीके से अपनी दुकान चलाने में मशगूल है।

फिर भी हैं बुद्धिजीवि किस्म के कुछ लोग समाज में जिन्हें नेताओं के बिकने-बिकाने पर सख्त एतराज रहता है। पर उनके कहे की चिंता ही कौन करता है यहां? जाहिर करते रहें वे अपना एतराज, खरीद-फरोख्त तो फिर भी चलनी ही है।

राजनीति में कुछ बातें अब इतनी सामान्य हो ली हैं कि जिनके घटने पर- थोड़ा-बहुत समय तो हो-हल्ला होता है- फिर सब अपने-अपने कानों में तेल डालकर ऐसे बैठ जाते हैं जैसे कुछ हुआ ही न हो। बदलते वक्त ने क्या नेता, क्या पार्टी, क्या जनता सबको बदल डाला है।

मेरा तो स्पष्ट मानना यही है कि जो हो रहा है होता रहने दें। समय सबका इतिहास खुद लिख देगा। नेताओं में मची ख़रीद-फरोख्त की भेड़-चाल आंशिक ही सही पर राजनीति का आगे आने वाला समय इससे भी विकट होगा।

सब पर खाक डाल आप तो सिर्फ मौज लीजिए। बाकी वक़्त की चाल पर छोड़ दीजिए।

1 टिप्पणी:

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन पृथ्वीराज कपूर और सोमनाथ शर्मा - ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।