शनिवार, 19 अगस्त 2017

भीड़ का सनी लियोनी हो जाना

सड़क कोच्चि की थी। भीड़ भी कोच्चि की थी। मगर सनी लियोनी कोच्चि की नहीं थी। वो तो वहां किसी शोरूम के उद्घाटन के लिए थी। फिर भी उसकी एक झलक भर पाने भर को कोच्चि की सड़क भीड़ से पट गई थी।

सड़क पर इतनी भीड़। कि, लोगों के बस सर ही सर दिखलाई पड़ रहे थे। लोग एक के ऊपर एक कूदे जा रहे थे। हुजूम किसी के रोके नहीं रुक रहा था। सनी लियोनी की कार उस भीड़ में एक ‘सफेद बिंदु’ टाइप नजर आ रही थी। सनी भी अपने लिए इतनी भीड़ को देखकर ‘अभिभूत’ थी। भीड़ की कुछ तस्वीरें उन्होंने अपने टि्वटर हैंडल पर पोस्ट भी कीं। एक फोटू तो ऐसी भी थी, जिसमें कुछ बंदे स्टेज के पर्दे में से झांक-ताक पर उतारू थे। तमन्ना इतनी भर थी कि किसी तरह सनी के नजदीक आकर एक सेल्फी लेने का मौका हाथ आ जाए।

विकट भीड़ को देख बहुत देर तक तो मैं यही सोचता रहा कि सनी लियोनी वहां क्या थी? क्या कोई बहुत बड़ी सेलिब्रिटी? क्या कोई बहुत बड़ी पॉलिटिशियन? क्या किसी देश की राजकुमारी? क्या किसी ऊंचे ब्रांड की ब्रांडअमबेस्डर? न न इनमें से वो कुछ भी नहीं थी। महज कुछ फिल्मों में ज्यादा खास किरदार न निभाने वाली एक अदाकारा ही तो थी। फिर भी कोच्चि के लोग-भीड़ पागल थी, सनी लियोनी को देखने के लिए।

भीड़ सेलिब्रिटी या (पूर्व) पोर्न स्टार में से किसे देखने को उत्तेजित थी? ऐसा भी नहीं हो सकता कि कोच्चि कभी कोई फिल्मी स्टार या सेलिब्रिटी जाता ही न हो। फिर सनी लियोनी के लिए ही भीड़ का इतना पागलपन क्यों? यह सवाल केवल मेरे जहन में ही नहीं बल्कि बहुतेरों के दिलो-दिमाग में अभी तलक छाया होगा। पर सच तो यह है कि भीड़ या लोगों की चाहत का कोई पैमाना नहीं होता। वो किसी को कैसे भी अपने हिसाब से पसंद या नापसंद कर सकती है। उसकी मर्जी।

निश्चित ही भीड़ का क्रेज सनी लियोनी की पोर्न स्टार छवि और उसकी सेक्सुअल्टी पर बेबाक राय से जुड़ा होगा। यों भी, बीच-बीच में यह खबरें भी आती रही थीं कि सनी लियोनी गूगल पर सबसे अधिक सर्च की जाने वाली सेलिब्रिटियों में से एक है। खैर, यह बताने की जरूरत नहीं कि सनी को गूगल या अन्य किसी पोर्न साइट पर क्यों और किसलिए सर्च किया जाता है।

कोच्चि की भीड़ के लॉचिक को समझे बिना ही केवल इतना समझें कि लोगों के बीच पोर्न या पोर्न स्टार का क्रेज जबरदस्त रहता है। पोर्न अब दबी-ढकी चीज नहीं रही। ऐसा तो शायद ही कोई होगा जिसके मोबाइल की गैलरी में एकाध रंगीन टाइप फिल्म या क्लिप न हो। या ऑन-लाइन देखता न हो। यदा-कदा आने वाले ऑन-लाइन सर्वे हमारी ‘अंतर-वासना’ की सारी पोलें खोलकर रख दे रहे हैं।

भीड़ के सनी लियोनी हो जाने पर न आंखें फाड़िए न मुंह को अचंभित मोड में खुला रखिए। इस बात को स्वीकार कीजिए कि सनी लियोनी का सिक्का फिल्म इंडस्ट्री में भले ज्यादा न जमा हो मगर लोगों के दिलो-दिमाग में बेहद मजबूती के साथ जमा हुआ है।


सनी लियोनी की मार्केट में डिमांड है। मार्केट में डिमांड उसी की होती है, जिसे हाथों-हाथ लिया जाता है। भीड़ के सनी लियोनी होने पर दुखी मत होईए बल्कि खुशी जताई कि समाज दकियानुसी प्रतिमानों को ध्वस्त कर आगे निकलने को बेताब है।

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