मंगलवार, 23 अगस्त 2016

फेसबुक, खाना और सेल्फी

खाने की खोज जिस सदी में हुई होगी, शुक्र मनाइए तब फेसबुक नहीं था। तब खाना खाने-पकाने की कलाएं मनुष्य तलक ही सीमित रहीं ज्यादा वायरल न हुईं। बेहद सुकून के साथ खाया खाना मनुष्य के शरीर को लगा होगा। कित्ती चैन भरी जिंदगी होगी तब न।

अब खाना खाने-पकाने के मसले एकदम चेंज हो चुके हैं। खाना खाने-पकाने से पहले फेसबुक पर शेयर हो जाता है। पूरी दुनिया जान जाती है कि अगला आज क्या खाना खा या पका रहा है। अगला बिन खाए ही खाने का 'वर्चुल स्वाद' चख लेता है। खाने पर हजारों की तादाद में 'लाइक' और 'कमेंट' निरंतर टपकते रहते हैं।

खाना दुनिया के किसी भी हिस्से या रेस्त्रां में बैठकर खाया जाए फेसबुक पर पोस्ट (मय सेल्फी) तुरंत तन जाती है। गजब यह है कि 'ब्यूटी एप' की 'हेल्प' से सेल्फी के साथ-साथ लोग खाने को भी सजा-संवारकर 'चमका' देते हैं। पिक्स देखने के बाद ऐसा लगता है मानो खाने को 'नहलाकर' यहां लगाया गया है। एकदम धुला-पुछा-तंदुरुस्त दिखता है खाना।

कहना न होगा, फेसबुक और स्मार्टफोन ने खाना खाने और पकाने के 'अच्छे दिन' ला दिए हैं। अगला कभी जिन सब्जियों को खाने से पहले नाक-मुंह मारा करता था, सेल्फी में इत्ता 'डैशिंग' लगता है मानो बचपन से ही उन सब्जियों का घणा शौकिन रहा हो। खाने की पोस्ट के साथ 'यम्मी...', 'इस्पाइसी...' लिखना कभी न भूलता।

देखा-दाखी एकदफा मैंने भी तुरई के साथ 'डिलिशियस...' लिखकर अपने खाने की सेल्फी फेसबुक पर चिपका दी। हालांकि उस सेल्फी पर लाइक और कमेंट तो भरपूर मिले मगर पत्नी ने पोस्ट देखते ही मुझे हड़काया- 'क्यों तुम्हें तुरई की सब्जी कब से स्वादिष्ट लगने लगी? मेरे सामने तो बड़े आड़े-तिरछे मुंह बनाते हो तुरई को देखके। और यहां फेसबुक पर तुम्हें यही सब्जी 'डिलिशियस' लग रही है!'

मैंने पत्नी को ठंडी भाषा में समझाया। 'न.. न.. ऐसा कुछ नहीं है जैसा तुम समझ रही हो। मेरा तुरई की सब्जी से आज भी उत्ता ही छत्तीस का आंकड़ा है जित्ता वामपंथियों का राष्ट्रवादियों से। वो तो दो-चार लाइक-कमेंट बटोरने के लिए पोस्ट फेसबुक पर चढ़ाई थी। इधर थोड़ी-बहुत बीमारी मुझे भी 'लाइक' की लग गई है, सो...।'

खैर, जैसे-तैसे कर पत्नी को तो मना लिया मगर फेसबुक पर खाने की सेल्फियों को देखकर निकट भविष्य में हम खाना मेज-कुर्सी पर नहीं बल्कि फेसबुक-टि्वटर पर बैठकर खाया-पकाया करेंगे। संभवता यह खाने का 'डिजिटलिकरण' कहलाएगा।

कोई टिप्पणी नहीं: