सोमवार, 1 अगस्त 2016

टि्वटर पर कवि और कविता

वे हमारे मोहल्ले के वरिष्ठ कवि हैं। खुद को केवल कवि नहीं हमेशा वरिष्ठ कवि कहलाना ही पसंद करते हैं। भूलवश अगर कोई उन्हें कवि कह दे तो बुरा मान जाते हैं। दुआ-सलाम तक खत्म कर देते हैं। ऐसा एक दफा वे अपनी पत्नी के साथ कर चुके हैं।

बहरहाल। अभी दो-चार रोज पहले की बात है। वरिष्ठ कवि महोदय मुझे सब्जी मंडी में मिल गए। हल्के-फुल्के दुआ-सलाम के बाद। मैं पूछा- 'आजकल आप मोहल्ले में कम ही नजर आते हैं। क्या कहीं व्यस्त रहने लगे हैं?' सब्जी का झोला मेरे स्कूटर की गद्दी पर जमाकर बोले- 'हां प्यारे, मैंने मोहल्ले में निकलना लगभग बंद-सा कर दिया है। आजकल मैं केवल टि्वटर पर ही रहता-मिलता हूं। वहीं पर सबसे हाय-हैलो हो जाती है। कभी तुम भी मिलो वहां आकर मुझसे।'

मैंने थोड़ा चौंकते हुए कवि महोदय से प्रश्न किया- 'आप और टि्वटर पर? यकीन नहीं हो रहा। आप लंबी-लंबी कविता लिखने वाले कवि जबकि टि्वटर पर मात्र 140 कैरेक्टर से अधिक कुछ लिख ही नहीं सकते। फिर वहां कविता कैसे लिख पाते होंगे?'

इत्ता सुनते ही वे अपने सीने को गर्व से चौड़ा करते हुए बोले- 'प्यारे, बदलते ट्रेंड के साथ मैंने अपनी कविता के फॉरमेट को भी बदल दिया है। अब मैं लंबी नहीं सिर्फ 140 कैरेक्टर वाली कविताएं ही लिखता हूं। सुनो, यह ताजा लिखी है- डियर लव, मत घबराओ जमाने से। जमाना क्या बिगाड़ लेगा तेरा-मेरा। खुलकर टि्वटर पर मिला करो। आएगा खूब मजा।

'बताओ कैसी लिखी है', कवि महोदय ने पूछा। सांस भीतर की तरफ खींचकर बुद्धि पर अतिरिक्त बोझ न डालते हुए मैंने कह दिया- 'सर, बहुत उम्दा। बहुत खूब। गजब। मात्र 140 कैरेक्टर में भी कविता रची जा सकती है। यह कोई आपसे सीखे।'

एक जोर की हंसी वरिष्ठ कवि महोदय हंसे। और, तपाक से बोले- 'अभी मैंने 140 कैरेक्टर में कविता लिखी है। इत्ते ही कैरेक्टर में मेरा एक उपन्यास लिखने का विचार है।'

मेरी खोपड़ी वहीं झनझना कर गई। '140 कैरेक्टर में उपन्यास?' 'हां.. हां.. क्यों नहीं तुम देखते जाओ, टि्वटर को मैं क्या से क्या बना दूंगा। लेखन जगत में मैं 'तहलका' मचा देना चाहता हूं। बता देना चाहता हूं कि सिर्फ 140 कैरेक्टर में कित्ता कुछ लिखा जा सकता है।'

जो बंदा 140 कैरेक्टर में टि्वटर पर उपन्यास लिखने का मन बना सकता है, उसके सामने मेरी महानता जवाब दे गई और मैं तुरंत वहां से चंपत हो लिया। क्योंकि महान लोगों के आगे खड़ा होना मैं खुद की 'तौहिन' समझता हूं। कवि महोदय सचमूच 'ग्रेट' हैं।

1 टिप्पणी:

yashoda Agrawal ने कहा…

आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" बुधवार 03 अगस्त 2016 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!