मंगलवार, 19 जुलाई 2016

गूगल गुरु सदा सहाय

जीवन में हमेशा यही कोशिश रही कि मैं न किसी को गुरु मानूं, न किसी का गुरु बनूं। गुरु मानने और बनने के हजार लफड़े हैं। गुरुओं के चक्कर में पड़कर लाइफ बड़ी 'बोरिंग' और 'खाली' हो जाती है। गुरु का डंडा हर वक्त सिर पर सवार रहता है कि अब पड़ा, तब पड़ा। इससे अच्छा है, गुरु नामक प्राणी से दूर ही रहो।

न न ऐसा कतई न समझें कि मैं गुरुओं से नफरत करता हूं या उन्हें सम्मान नहीं देता। जीवन में अगर 'सच्चा गुरु' मिल जाए फिर तो सोने पर सुहागा। जैसे- सचिन तेंदूलकर के गुरु हैं। इत्ते ऊंचे शिखर पर पहुंचने के बाद भी सचिन उनका आज भी उत्ता ही सम्मान करते हैं।

लेकिन वो गुरु मुझे कतई पसंद नहीं, जो चेले को हमेशा अपनी 'अंधभक्ति' में ही रखते हैं। गुरु दिन को बोले रात या रात को बोले दिन तो चेला भी ऐसा ही बोले। ऐसे गुरु किसी काम न आते।

चेलों ने जब से तकनीक का दामन थामा है, बेचारे गुरुओं की तो दुकानें ही बंद हो ली हैं। कुछ भी पूछने-समझने के लिए चेला अब गुरु के पास न जाकर सीधा गूगल गुरु की शरण में जाता है। गूगल गुरु की शरण में आते ही उसे अपनी हर समस्या का समाधान एक क्लिक भर में मिल जाता है। बल्कि और ज्यादा ही मिलता है। सबसे बड़ी बात गूगल गुरु खुद से ज्ञान लेने का न कोई पैसा लेता है, न यह कहता है कि मेरे कने अभी टाइम नहीं, कल या परसों आना। गूगल गुरु 365 दिन- दिन हो या रात- हर वक्त अपने चेले की सेवा में हाजिर है।

गूगल गुरु संपूर्ण ज्ञान का खजाना है। पिन से लेकर पोर्न तक का ज्ञान गूगल गुरु के पिटारे में भरा पड़ा है। जिसको जित्ती जरूरत हो ले ले। आप एक बात पूछो, गूगल गुरु उससे जुड़ी हजार बातें आपके सामने खोलकर रख देगा। जित्ता मर्जी उत्ता सर्च करो। जित्ता मर्जी सवाल पूछो। जित्ता मर्जी दुनियाभर की घटनाएं देखो। गूगल गुरु, बिना गुस्साए, बस हंसते हुए प्रत्येक समस्या का समाधान कर देता है।

तकनीक के मामले में गूगल गुरु का जवाब नहीं प्यारे। सीधी-सच्ची, आढ़ी-टेढ़ी कैसी भी तकनीक के बारे में सर्च कर लो, सब गूगल के पन्नों पर विस्तार के साथ मिलेगा। कहीं फंस जाओ, वहां से निकलने का रास्ता भी बता देता है गूगल गुरु।

इश्क करने-फरमाने के मामले में गूगल गुरु का कोई सानी नहीं। अमां, इत्ता ज्ञान तो लव गुरु भी न दे पाएंगे, जित्ता गूगल गुरु दे देगा। लव के टिप्स चाहे पढ़कर लेना चाहो तो पढ़कर ले लो। अगर वीडियो देखकर लेना चाहो हो तो वीडियो देखकर ले लो। तमाम मस्त और धांसू टाइप की शायरियां गूगल गुरु के खजाने में मौजूद हैं।

रंगीन- डिफरेंट-डिफरेंट टाइप की- तस्वीरें भी गूगल गुरु के पास हैं। जब चाहो, तब देखो। देखने-दिखाने में कोई रोक-टोक न है। मैंने तो अपने न जाने कित्ते ही अरमां गूगल गुरु की शरण में जाकर पूरे किए हैं। सनी लियोनीजी पर पूरा ज्ञान (मय फोटूओं के) मैंने गूगल गुरु की मदद से ही तो हासिल किया है।

गूगल गुरु हमारे समय का सबसे आधुनिक टूल है। बिंदास और मस्त। न कोई गुरुदक्षिणा, न कोई ऐंठम-ऐंठी। जित्ता दिल करे, उत्ता इस्तेमाल करो। गूगल गुरु सदा सहाय।

2 टिप्‍पणियां:

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी ब्लॉग पोस्ट को आज की ब्लॉग बुलेटिन प्रस्तुति स्वर्गीय बटुकेश्वर दत्त जी की 51वीं पुण्यतिथि
और ब्लॉग बुलेटिन
में शामिल किया गया है। सादर ... अभिनन्दन।।

सु-मन (Suman Kapoor) ने कहा…

सच में गूगल गुरु की महिमा न्यारी है |