मंगलवार, 16 फ़रवरी 2016

एक थप्पड़ मुझे भी

फिल्म-स्टार गोविंदा द्वारा थप्पड़-पीड़ित को पांच लाख रुपए देने की खबर जब से पड़ी है, मेरा दिल जज्बाती-सा हो गया है। बार-बार यही दुआएं कर रहा है कि कोई सेलिब्रिटी आए और मुझे गोविंदा से भी तगड़ा थप्पड़ जड़ जाए। एक दो क्या दस-पंद्रहा भी मारेगा, मारने दूंगा। कसम से- ऊफ्फ तक न करूंगा। जरा-बहुत हुई बेइजज्ती को 'मीठा दर्द' समझकर सह लूंगा। यों भी, पैसा कमाने के लिए आदमी क्या-क्या मेहनत नहीं करता। मेरे तईं ये सही।

मुझे पड़े थप्पड़ के यहां-वहां चर्चे होंगे। सोशल मीडिया और अखाबारों में मेरा नाम आएगा। पत्रकार लोग मेरा इंटरव्यू लेंगे। मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंचेगा। बात आगे और आगे बढ़कर दूर तलक जाएगी। फिर उस सेलिब्रिटी को अपनी इज्जत बचाने की खातिर मुझे भी कुछ लाख देकर मामले को सुलटाना पड़ेगा। वल्लाह! कित्ता मजा आएगा न इस सब में।

केवल थप्पड़ के सहारे ही अगर मुझे 'फेम' और 'मनी' मिलेगी तो क्यों न लूंगा। मुफ्त की चीज लेने में जरा भी शरम-वरम नहीं करनी चाहिए। एक थप्पड़ आपको रातों-रात लखपति बना सकता है। दुनिया-जहान की नजरों में सेलिब्रिटी होने का दर्जा दिलवा सकता है। ऐसे में हजारों थप्पड़ खाने को तैयार हूं।

यह बात दिमाग से कतई निकाल दें कि थप्पड़ पड़ने से चार लोगों के बीच इज्जत का फलूदा बनता है। हां, जब थप्पड़ या जूता पड़ता है बस केवल उस क्षण को थोड़ा 'बुरा' टाइप जरूर फील होता है। लेकिन बाद में पूरी दुनिया की निगाह में आप 'सेलिब्रिटी' बन जाते हैं। घर-घर आपको पड़े थप्पड़ या जूते के चर्चे होते हैं।

देखिए न, अपने केजरीवालजी थप्पड़ से लेकर स्याही तक का स्वाद चखा पर आज वे दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। अपनी सरकार चला रहे हैं। वक्त निकल जाने के बाद सब सबकुछ भूल जाते हैं प्यारे। पहचान सिर्फ नाम और कद की हुआ करती है। कथित बदनामियां अब 'हिट' होने की निशानियां हैं। इसलिए बदनाम होने से रत्तीभर घबराना नहीं चाहिए।

यों भी, केवल लेखन के दम पर गुजारा करना अब कठिन होता जा रहा है। रात-दिन बस यही दुआ करता रहता हूं कि एक थप्पड़ मुझे भी पड़ जाए तो मेरे सारे 'दल्लीद्दर' दूर हो जाएं। मैं तो थप्पड़ खाने को अपना 'प्रोफेशन' बनाने पर भी विचार रहा हूं। इसमें लेखन से कहीं ज्यादा 'पैसा' है। सेलिब्रिटी बनने की पूरी संभावनाएं हैं।

वाकई कित्ता नसीब वाला होगा वो बंदा, जो एक सेलिब्रिटी का थप्पड़ खाके रातभर में लखपति बन गया। बंदे ने पूरे परिवार का मान-सम्मान बढ़ा दिया। काश! ऐसा ही कुछ मेरे साथ भी घटित हो जाए। कृपया, दुआ करें।

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