सोमवार, 25 जनवरी 2016

गणतंत्र दिवस पर सेल

यों गणतंत्र दिवस का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। इस दिन देश एवं शहीदों के प्रति हमारी भक्ति अचानक से जाग जाती है। देश के स्वाभिमान पर मर-मिटने की हम कसमें खाते हैं। स्कूलों से लेकर गली-मोहल्लों तक में झंडा-वंदन किया जाता है। मिठाईयां (समोसे के साथ) बांटी-बंटावाईं जाती हैं। किस्म-किस्म के सांस्कृतिक आयोजन होते हैं। नौकरीपेशा वर्ग को यह 'आराम' रहता है कि आज 26 जनवरी की छुट्टी है। ऐसी छुट्टियां उनके तईं किसी 'वरदान' से कम नहीं होतीं।

साथ-साथ गणतंत्र दिवस का हमारे जीवन में एक और खास महत्त्व है, 'महा-सेल' का। जी हां, मौका चाहे गणतंत्र दिवस का हो या स्वतंत्रता दिवस का बाजार खुद को भुनाना कभी नहीं भूलता। बाजार के लिए तो हर त्यौहार या दिवस सेल का महा-आयोजन समान है। इन दिवसों पर सेल-डिस्काउंट का वो हाल रहता है, मानो मार्केट में सबकुछ फ्री-फ्री है। जो चाहे खरीद लो।

गणतंत्र दिवस पर सेल के लालच ने लोगों को भी खासा 'स्मार्ट' बना दिया है। कुछ लोग इस दिवस का इंतजार ही इसलिए करने लगे हैं ताकि सेल से कुछ सस्ता खरीद सकें। कपड़े से लेकर मोबाइल तक पर कंपनियां इत्ता-इत्ता डिस्काउंट दे देती हैं, बंदा न चाहते हुआ भी खरीद ले। सेल और डिस्काउंट का हमारे यहां उत्ता ही क्रेज है, जित्ता पुस्तक मेला में वरिष्ठ लेखकों संग सेल्फी लेने का।

ऐसा नहीं है कि देश पर जान कुर्बान करने वाले हमारे दिलों में नहीं रहते। सब रहते हैं मगर उनको याद करने का रंग-ढंग अब बदल-सा गया है। हर दिवस अब 'सेलिब्रेशन' के तौर पर मनाया जाने लगा है। नए लोग हैं। नया मिजाज है। नया ऐटमॉसफेयर है। अब लोगों कने इत्ता वक्त भी कहां होता कि पूरा दिन किसी को याद करने में ही बिता दे। इत्ती फुर्सत भी किसी के पास नहीं बची है कि वो ढंग से खुद के बारे में ही कुछ सोच-समझ सके। पूरा समय तो नौकरी और सफर करने में ही खत्म हो जाता है।

फिर भी, ये जज्बा क्या कम है कि देश के प्रति निष्ठा व सम्मान लोगों के दिलों में कायम है।

लोगों के पास वक्त की कमी का फायदा बाजार ने खूब उठाया है। अब किसी को कहीं जाने या भीड़ में धक्के खाने की जरूरत नहीं। ऑन-लाइन बाजार हाजिर है, हर तरह की खरीद-बेच के लिए। लुत्फ देखिए, त्यौहारों पर जो सेल लगती है वो तो है ही, गणतंत्र दिवस पर ऑन-लाइन प्रॉडेक्ट्स पर इत्ता हैवी डिस्काउंट मिलता है कि बंदा ललचाए बिना रह ही नहीं पाता।

ऑन-लाइन बाजार ने तो गणतंत्र दिवस के महत्त्व को ही बदलकर रख दिया है। बंदे को गणतंत्र दिवस पर सेल का इंतजार यों रहता है मानो 'अंधे के हाथ बटेर' लगने को हो। अपने देश के लोग भी खूब महान हैं। सेल चाहे ऑन-लाइन हो या फिर सीधे मार्केट में जमकर खरीददारी करते हैं। बाजार तो छोड़िए मॉल तक में पैर रखने की जगह नहीं बचती। कहना न होगा, खरीददारी के मामले में हम हिंदुस्तानियों का जवाब नहीं।

मैंने तो ऐसे लोग भी देखे हैं, जो किसी के मातम में शामिल होने दूसरे शहर जाते ही इसलिए हैं ताकि समय मिलने पर कुछ खरीददारी कर सकें। वहां तो वो अपने मुताबिक सेल की शॉप भी तलाश लेते हैं।

सेल के चसके ने हर दिवस और त्यौहार को खरीददारी में बदल दिया है। बाजार चलकर सीधा हमारे घरों में आ गया है। मुझे तो कभी-कभी भारत गरीब नहीं बल्कि खरीददारी के मामले में सबसे अमीर देश लगता है। आंकड़ें बताते हैं कि लोग सत्तर फीसद खरीददारी अब ऑन-लाइन करने लगे हैं। गणतंत्र दिवस आदि पर यह आंकड़ा और बढ़ जाता है।

अभी ये हाल है तो आगे आने वाली पीढ़ी गणतंत्र व स्वतंत्रता दिवस को शायद 'सेल' और 'डिस्काउंट दिवस' के नाम से ही जाना करेगी!

चलिए फिर मैं भी निकलता हूं गणतंत्र दिवस पर लगी सेल का लाभ उठाने।

कोई टिप्पणी नहीं: