मंगलवार, 22 दिसंबर 2015

भई मैं तो डरता हूं

पक्का फेंकते हैं वो लोग जो यह कहते हैं कि 'हम किसी से नहीं डरते'। कुछ ज्यादा या कम 'डरते' तो सभी हैं मगर खुलकर कहने में कतराते हैं। 'हम डरते हैं' कहने में नाक कटने का खतरा रहता है न। इंसान अपनी नाक बचाने की खातिर क्या-क्या जुगत नहीं लड़ता किसी से छिपा नहीं। इसीलिए डर के ऊपर 'हम किसी से नहीं डरते' का मुल्लमा चढ़ा दिया जाता है। ताकि दुनिया की निगाह में छवि जंग-बहादुर टाइप बनी रहे।

पहले मुझे भी इस बात का घणा गुमान था कि 'मैं किसी से नहीं डरता'। चाहे खुदा ही क्यों न सामने आ जाए, खुल्ला कह दूंगा- मैं तुमने नहीं डरता। लेकिन जब शादी हुई। घर में पत्नी(जी) आईं। उनके साथ समय बिताने का मौका मिला। तब से मेरे दिमाग से 'मैं किसी से नहीं डरता' का भूत बहुत तेजी से उतर गया। उतरते-उतरते आज इस स्तर तक पहुंच गया है कि अगर मोहल्ले के नुक्कड़ पर खड़े होकर कोई किसी को आवाज भी देता है तो भी मैं 'डर' जाता हूं। ऐसा महसूस होता कि पत्नी(जी) पुकार रही हैं।

जानता हूं, हंस रहे होंगे आप मुझ पर कि ये कैसा पति है जो पत्नी से डरता है। ये हाल- अपवाद को छोड़ दें- एक मेरा ही नहीं दुनिया भर के सारे पतियों का है। बाहर चाहे वो कित्ते ही बड़े 'हिटलर' बने घूमते हों पर घर में 'भीगी बिल्ली' ही बने रहते हैं। पत्नी के आगे उनकी 'हिटलरशाही' कतई नहीं चल पाती। लेकिन कहने से कतराते हैं कि वो अपनी पत्नी से डरते हैं।

आमिर खान ने भी पिछले दिनों 'डर लगता है' वाली बात अपनी मर्जी से थोड़े न पत्नी के डर की वजह से बोली थी। मगर उसे क्या मालूम था, डर का रायता इत्ती फैलेगा कि संभालना मुश्किल पड़ेगा। वैसे, पत्नी की भावनाओं में आकर जो पति बह गया, फिर बचना कठिन हो जाता है। व्यक्तिगत अनुभव है इसलिए बता रहा हूं। फिर न कहिएगा कि बताया नहीं।

आजकल डर बहुत जोर मारे हुए है। जिस सेलिब्रिटी को देखो, बड़े ही बोल्ड अंदाज में कहता मिल जाता है कि 'मैं किसी से नहीं डरता'। मानो, सेलिब्रिटियों ने डर पर अपना कॉपीराइट ठोक दिया हो। अभी हाल केजरीवालजी भी यही बोले थे कि 'वो किसी से नहीं डरते'। हालांकि शाम होते-होते उनका डर छुमंतर-सा हो गया। मगर 'नहीं डरता हूं' कहकर मीडिया के बीच अपना चेहरा तो चकमा ही लिया न।

'डर के आगे जीत' के जमाने अब निपट लिए। सुखी वही है, जो डर कर रहता है। डर ही डर में पर्दे से पीछे से अपना उल्लू सीधा करता रहता है। दुनिया को ऐसा दिखाओ कि तुम बहुत डरते हो पर भीतर से निडर बने रहो। अगर सीधे रास्ते पर चलोगे तो दुनिया बेवकूफ कहेगी। समझदारी इसी में है कि टेढ़े रास्ते पर चलो। सलमान का रास्ता टेढ़ा जरूर था पर अंत में जीता वही। उसने कभी ये नहीं कहा कि 'मैं किसी से नहीं डरता'।

डर चाहे पत्नी का हो या बॉस का मन में बनाएं रखें। डर को डर से मत देने में ही तो मजा है। अगर डर न होता तो सेलिब्रिटियों को 'हम किसी से नहीं डरते' जैसा जुमला छेड़ने का मौका कहां मिलता?

जो डर गया, वो हिट हो गया। क्या समझे...।

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