गुरुवार, 16 जुलाई 2015

ललित मोदी बनने का सपना

अब रात में मुझे 'रंगीन सपने' कम आने लगे हैं। रंगीन सपनों की जगह 'ललित मोदी के सपने' ने ले ली। रात को जब मैं सोता हूं, थोड़े देर बाद ही मुझे ललित मोदी बनने का सपना अपनी आगोश में ले लेता है। सपनों-सपनों में ही मैं ललित मोदी बनने का सपना देखने लगता हूं। हालांकि मैं जानता हूं वास्तविता के धरातल पर ललित मोदी बनना बहुत कठिन है लेकिन सपने का क्या करूं, जो मुझे रोज रात को ललित मोदी बनने के लिए 'उकसा' जाता है।

ललित मोदी होना इत्ता आसान नहीं। विरले ही होते होंगे, जो ललित मोदी टाइप बन पाते हैं। पूरे ललित मोदी फिर भी नहीं। ललित मोदी अपने आप में एक चलती-फिरती महान शख्सियत हैं। उनके जैसा दिमाग पाना, उनके जैसे ऊंचे राजनीतिक संबंध स्थापित करना, उनके जैसे क्रिकेट से लेकर सामाजिक कामों तक में खास रूतबा बनाकर रखना हर किसी के बस की बात नहीं। मात्र एक ललित मोदी ने देश-विदेश से लेकर, सरकार और मंत्री तक की अच्छे से बैंड बजा रखी है।

उनका मात्र एक ट्वीट ही सब पर भारी पड़ जाता है। पानी मांग जाते हैं अच्छे-अच्छे उनके ट्वीट बम पर। टि्वटर पर ट्रेंड करने वालों में सबसे टॉप पर ललित मोदी ही हैं। क्या अखबार, क्या टीवी चैनल, क्या सड़क, क्या दफ्तर, क्या राजनीतिक हलके हर जगह बस ललित मोदी ललित मोदी ही छाए हुए हैं। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि दुनिया में अगर ललित मोदी न होते तो इत्ते थोक के भाव में न खुलासे होते, न इत्ता भारी मनोरंजन ही हो पाता। ललित मोदी क्रिकेट से लेकर सियासत तक के हर गेम के 'मास्टर' हैं।

अब इत्ती ऊंची शख्सियत टाइप बनने का सपना देखना, बेशक मेरे तईं 'गर्व' का प्रतीक हो सकता है, बावजूद इसके मेरा ललित मोदी बनना कम से कम इस जन्म में तो संभव नहीं।

यों भी, सपने में देखी हर बात सच हो ही जाए, यह जरूरी तो नहीं। फिर भी, ससुरे सपने इंसान को सपना दिखाने से बाज नहीं आते। अभी कल ही की तो बात थी, जब मुझे सनी लियोनी का हजबैंड बनने के सपने आया करते थे। पूनम पांडे संग फिल्म करने के सपने आया करते थे। दाऊद इब्राहिम से बड़ा डॉन (भाई) बनने के सपने आया करते थे। बड़ा लेखक और बड़ा नेता बनने के सपने तो रोज-ब-रोज दिन में कित्ते ही आ जाते हैं।

मेरी तो जाने दीजिए, खुद कभी ललित मोदी ने सपने में नहीं सोचा होगा कि एक दिन वो ललित मोदी बन जाएंगे। लेकिन पियारे इंसान की किस्मत बदलते और बीवी का बेलन पड़ते दे ही कित्ती लगती है। ललित मोदी की मशहूरित को फोकस कर-करके मीडिया के साथ-साथ टि्वटर भी खूब मशहूर हो गया है। किसी और की क्या कहूं, मेरे मोहल्ले के न जाने कित्ते लौंडों ने टि्वटर पर अपना एकाउंट बना डाला है। उन्होंने भी भीतर यह खुशफहमी पाल ली है कि टि्वटर के रास्ते एक दिन उनके फॉलौअर्स की संख्या भी ललित मोदी जित्ती हो जाएगी!

ललित मोदी बनने का सपना आने वाली बात मैंने केवल आप लोगों से ही 'शेयर' की है, पत्नी को तो इस सपने की भनक तक नहीं लगने दी है। कहीं उसे मेरे इस सपने की खबर हो जाती न तो मेरा तो जीना ही हाराम हो जाता। वो तो हकीकत में ही मेरे पीछे पड़ जाती कि तुम्हें ललित मोदी बनना ही बनना है। हाई-प्रोफाइल बंदों की वो इत्ती दीवानी है कि उसने हमारे बेडरूम में ही उनकी तस्वीरें टांग रखी हैं। एक दफा मैंने उससे सलमान खान बनने की इच्छा जाहिर कर दी थी। तब की व्यक्त की गई इच्छा की कीमत आज तलक चुका रहा हूं।

सपने भी न कभी-कभी कबाड़ा कर डालते हैं। अभी पता नहीं कब तलक मुझे ललित मोदी बनने का सपना झेलना पड़ेगा। अभी मैं ढंग से लेखक तक तो बन पाया नहीं हूं, ऊपर से ललित मोदी बनने का सपना मेरी जान की ऐसी-तैसी किए हुए है। न जाने इत्ते बड़े-बड़े (भयंकर टाइप के) सपने मुझे ही क्यों आते हैं? ललित मोदी बनने का सपना भी उनमें से एक है। हाय...!

1 टिप्पणी:

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

सपना हो जाये अपना :)