गुरुवार, 21 मई 2015

सेल्फी पीएम

आप चाहें तो न करें लेकिन मुझे हमारे पीएम पर 'गर्व' है। गर्व से ऊपर भी अगर कुछ हो सकता है, तो वह भी है। आखिर क्यों नहीं होना चाहिए मुझे हमारे पीएम पर गर्व। दशकों बाद हमें ऐसे 'सेल्फी प्रेमी' पीएम मिले हैं, जिनकी ली गईं सेल्फियों के चर्चे ईरान से लेकर तुरान तलक हो रहे हैं। पीएम का सेल्फी प्रेम मीडिया में 'ब्रेकिंग न्यूज' बना हुआ है। बुद्धिजीवि टाइप लोग पीएम के सेल्फी प्रेम पर 'बहस' कर रहे हैं। लोगों से राय ली जा रही हैं।

गजब यह है कि सरकार की एक साल की उपलब्धि को विकास के साथ-साथ पीएम के सेल्फी प्रेम से जोड़कर भी देखा जा रहा है। शासन का वक्त बदल गया है। विकास का रास्ता अब सेल्फी के दरमियान होकर गुजरता है। पीएम हर कहीं विकास की बातें तो करते हैं मगर अपने सेल्फी प्रेम को भी जाहिर करने से नहीं चूकते।

देश चाहे कोई भी हो पीएम ने सेल्फी को प्रमोट करने से कभी परहेज नहीं किया। पीएम के सेल्फी प्रेम के चलते, लोगों के भीतर भी सेल्फी का क्रेज दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। खबरें बता रही हैं कि मार्केट में सेल्फी फोनों की बाढ़ सी आ गई है। सेल्फी फोन अब हर किसी की चाहत बन गया है। लोग बाग अब अपने सेल्फी प्रेम को छिपा नहीं रहे बल्कि उसे और बढ़ावा दे रहे हैं। ताकि सेल्फी की महत्ता बनी रहे।

सीना चौड़ा हो जाता है, जब हमारे पीएम विदेश में वहां के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति एवं जनता के साथ सेल्फी लेते हुए दिखते हैं। चाहे ओबामा हों या शी जिनपिंग पीएम ने सेल्फियां दोनों के ही साथ लीं। वरना पहले ऐसा कहां होता था। बस पारंपरिक टाइप के कुछ फोटू खींच जाते थे। कभी हाथ मिलाते या गले मिलते हुए। लेकिन ऐसा इतिहास में पहली दफा हुआ है कि पीएम ने प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति के साथ स्वयं सेल्फी ली है।

मुझे लगता है, शायद पीएम का सेल्फी के प्रति प्रेम बचपन से ही रहा होगा। यों, सेल्फी के प्रति इत्ता दीवाना पिछला कौन पीएम रहा है।

हालांकि बहुतों को पीएम के इत्ते सारे विदेश दौरों पर गहरी आपत्ति है। पर इन आपत्तियों से पीएम की सेहत पर क्या फरक पड़ता है? पीएम कोई 'हवाबाजी' के लिए थोड़े न विदेश जा रहे हैं। तमाम तरह की डीलें वहां हो रही हैं। कुछ आर्थिक हैं, कुछ व्यापारिक हैं, कुछ सांस्कृतिक हैं। क्या आपको मालूम नहीं कि हमारे पीएम देश के चुनिंदा शहरों को बहुत जल्द 'स्मार्ट सिटी' में तब्दील करना चाहते हैं। बिना विदेश घूमे और वहां के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति व उच्चाधिकारियों से मिले, कैसे यह सब हो पाएगा? शायद इसीलिए हमारे पीएम विदेश दौरों की कमान अपने हाथ में ही रखना चाहते हैं बजाए विदेश मंत्री के। विदेश मंत्री तब तलक देश संभालें।

हमारे पीएम को अभी एक साल ही तो हुआ है। एक साल में आधी दुनिया घूम लेना कोई मजाक बात थोड़े न है। साथ-साथ, अपने सेल्फी प्रेम से दुनिया को दीवाना बनाए रखना भी बहुत बड़ी उपलब्धि है।

मैं तो चाहता हूं कि पीएम जल्दी-जल्दी विदेश दौरों पर जाएं ताकि हमारे देश में सेल्फी फोनों की डिमांड बढ़े। अन्य देशों के साथ मोबाइल फोन के व्यापार में तेजी आए। चीन-जापान ज्यादा से ज्यादा फोन 'मेक न इंडिया' की तर्ज पर देश के बाजारों में लाए। उम्मीद हैं, सेल्फी फोनों में सुधार की गुंजाइश और बढ़ जाएगी।

पीएम का सेल्फी प्रेम यों ही बरकरार रहे। सेल्फी का क्रेज अगर ऐसे ही बढ़ता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब हर गली-मोहल्ले में एक सेल्फी की दुकान हुआ करेगी। जित्ते भी ठलुए यहां-वहां मटरगशती करते रहते हैं, सब काम पर लग जाएंगे। फिर फेसबुक और टि्वटर की दुनिया स्टेटस या पोस्टों से नहीं सेल्फियों से ही पहचानी जाएगी। यानी, सारा वातावरण सेल्फीमय हो लेगा।

बस इसीलिए तो मुझे हमारे पीएम के सेल्फी प्रेम पर इत्ता गर्व है।

1 टिप्पणी:

Kavita Rawat ने कहा…

मजेदार …
बड़े सेल्फ़ी हो गए हमारे पीएम उनके देश-विदेश दौरों से लोग कम से कम हम जैसे घर बैठु लोग बाग़ आम जन सेल्फ़ी और इंटरनेट टीवी पर देख अपनी हैरानियाँ परेशानियां भूल खुश हो लेते हैं
विकास का यह नया तरीका किसी बहुत बड़ी उपलब्धि से कमतर नहीं!!!!!

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