मंगलवार, 31 मार्च 2015

अपनी मूर्खता पर गर्व

मुझे अपनी मूर्खता साबित करने के लिए कभी किसी खास दिवस का मुंह नहीं ताकना पड़ा। मेरे तईं हर दिवस मूर्ख दिवस है। मेरे विचार में, मूर्ख दिवस को तारीख में बांधना उचित नहीं। देखा जाए तो हर दिन में कुछ न कुछ मूर्खता का पुट रहता ही है।

जैसे बुद्धिजीवि को अपनी बुद्धि पर, अकलमंद को अपनी अकल पर, नकलची को अपनी नकल पर गर्व होता है, वैसे ही मुझे अपनी मूर्खता पर गर्व है। इस गर्व को मैंने कभी किसी से छिपाया नहीं। छिपाऊं भी क्यों? मूर्ख होना कोई खराब बात थोड़े है। हम सब थोड़े या बहुत हर स्तर पर कुछ न कुछ मूर्ख हैं। कुछ अपनी मूर्खता को छिपाने का प्रयास करते हैं तो कुछ उजागर करने का। वैसे, अपनी मूर्खता को उजागर करने में ही भलाई है। कम से कम सामने वाला किसी 'भ्रम' में तो नहीं रहता।

मुझे ही देख लीजिए। मुझे बचपन से मूर्ख होने का खिताब मिला हुआ है। क्लास में मेरे टीचर ने कभी मुझे समझदार नहीं समझा। हमेशा मुझे मूर्ख कहकर ही पुकारते थे। यहां तक कि मैं एग्जाम में नंबर भी 'मूर्खपंती' वाले ही लाता था। मेरी मूर्खता का क्लास में इत्ता खौफ था कि अकलमंद बच्चे मेरे पास बैठना तो छोड़िए, मेरे करीब तक न आते थे। उन्हें हमेशा यह भय बना रहता था कि मैं उनको भी अपने जैसा (यानी मूर्ख) बना दूंगा।

लेकिन मैंने कभी अपनी मूर्खता को किसी पर थोपने की कोशिश नहीं की। जिसे मेरा मूर्खतापूर्ण ज्ञान पसंद आया उसे दिया। जिसे ना-पसंद लगा, उससे किनारा कर लिया। दरअसल, समाज में हर कोई बुद्धिमान या अकलमंद ही होना चाहता है, मूर्ख कोई नहीं। मूर्ख से लोग उत्ता ही दूर भागते हैं, जैसे शेर को देखकर इंसान।

अपनी मूर्खता को मैंने अपने लेखन में भी बनाए रखा है। मेरा समस्त लेखन मूर्खता की निशानी है। बिन मूर्खता के मैं अपने लेखन की कल्पना तक नहीं कर सकता। शायद आप यकीन न करें पर यह सत्य है कि मूर्खतापूर्ण लेखन करने में वैचारिक लेखन से भी साढ़े दस गुनी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे ही हवा में कोई मूर्ख लेखक नहीं हो जाता पियारे। मूर्ख लेखक वैचारिक तुकबंदियों और हवा-हवाई प्रगतिशीलताओं से कोसों दूर रहता है।

मैं तो चाहता हूं कि दुनिया भर के मूर्खों को एकजुट होकर अपना एक संगठन बना चाहिए। ताकि सब मूर्ख अपनी-अपनी मूर्खताओं को एक जगह रख सकें। एक साथ हंस-बोल सकें। यह शायद ज्यादा सहज रहेगा। इस बहाने मूर्ख लोग खुद को अकेला भी महसूस नहीं करेंगे।

इस मूर्ख दिवस पर मेरी तरफ से दुनिया भर के मूर्खों को मूर्खतायुक्त शुभकामनाएं।

2 टिप्‍पणियां:

Archana Chaurasia Kapoor ने कहा…

:) wah wah!! Happy April Fool's day... :)

Rajendra singh Rathore ने कहा…

आप के ब्लॉग पर आकर मुझे बहुत अच्छा लगा