रविवार, 15 फ़रवरी 2015

झाड़ू पछाड़

पियारे, एक होता है 'धोबी पछाड़' और एक होता है 'झाड़ू पछाड़'। केजरीवाल के 'झाड़ू पछाड़' ने कांग्रेस और बीजेपी को ऐसा पछाड़ा कि सूपड़ा ही साफ कर दिया। एक 'तीन' पर आनकर टिक ली और दूसरी 'जीरो' पर। अब दोनों की ही स्थिति काटो तो खून नहीं वाली है। क्या सोचा था और क्या हो लिया।

इसीलिए तो कहते हैं पियारे, कि न राजनीति न समाज में कभी किसी को 'कम' या 'कमजोर' नहीं सझना चाहिए। कौन, किस वक्त, कैसी वाट लगा दे, पता नहीं चलता। राजनीति में अनुमान के विपरित जब पासा उलटता है तो बहुत गहरे जख्म दे जाता है। फिर करते रहिए उन जख्मों पर मरहम-पट्टी, जो होना था वो तो हो ही गया।

केजरीवाल की झाड़ू ने झाड़ा कम बुहारा ज्यादा। एक ही बार में ऐसी बुहार लगाई कि हारे हुए दल ताउम्र याद रखेंगे। कचरा जब दयारे से बाहर जाने लगे फिर उसकी बुहार लगाना बनता है। ताकि कचरे को भी यह पता रहे कि उसकी असली जगह 'डस्टबिन' ही है। चलिए, इस बहाने राजनीति और समाज के बीच झाड़ू की डिमांड कुछ और बढ़ जाएगी।

सबसे ज्यादा हैरानी तो इस बात पर है कि बड़ी-बड़ी राजनीति करने वाले राजनैतिक सूरमा तलक फेल हो गए, एक अकेली झाड़ू से निपटने में। जिस झाड़ू की सींकों को वे इत्ता हलके में ले रहे थे, उन्हीं ने उनकी 'अकड़' और 'सियानेपन' पर कंपलीट बुहार लगा दी। अब अपनी बचाने के तईं, सफाईयां चाहे कित्ती ही देते रहिए मियां मगर हर गए तो हार गए। हार हुआ बंदा, चाहे राजा हो या रंक, कहलाता 'लूजर' ही है।

दरअसल, राजनीति है ही ऐसी चीज जो अच्छों-अच्छों का दिमाग खराब कर देती है। राजनीति में आते ही नेता खुद को भगवान और जनता को तुच्छ समझ बैठता है। किंतु नहीं जानता, जो जनता नेता के सिर पर एक तरफा जीत का सेहरा बांध सकती है, वही जनता एक तरफा हार की झाड़ू भी फिरा सकती है। यहां भी वही हुआ। जो इस बात का मुगालता पाले बैठे थे कि जनता इस दफा भी उनके झांसे में फंस जाएगी पर क्या मालूम था कि जनता उन्हें ही अपने मतों में फंसाकर पटखनी दे देगी।

बहरहाल, इस झाड़ू पछाड़ से कौन सा दल कित्ता सबक लेता है ये वो जाने। पर इत्ता तय है कि अब से कोई भी झाड़ू की ताकत को कमतर करके आंकने की गलती न करेगा। जिस झाड़ू के दम पर केजरीवाल ने जनता का दिल जीता है, उम्मीद करते हैं, इसे वो यों ही बनाए रखेंगे। नहीं तो यह जनता बहुत सियानी है, झाड़ू को भी पछाड़ लगाने में पीछे न हटेगी। बाकी तो जो है सो है ही पियारे।

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