मंगलवार, 9 दिसंबर 2014

शादी और नागिन डांस

नागिन डांस करने का मुझे हल्का-सा अनुभव है- सिर्फ अपनी शादी का। उसके बाद फिर कभी मैंने नागिन डांस किया हो, ऐसा ख्याल नहीं पड़ता। हां, जब कभी खुद की 'बेवकूफियों' पर हंसने का दिल करता है तो अपनी शादी में किए गए नागिन डांस की तस्वीरें-विडियो देखने बैठ जाता हूं। बनाने वाले ने भी कहीं कोई कसर बाकी नहीं रख छोड़ी थी, मेरे नागिन डांस को कैमरे में उतारने की। तब न जाने कहां से अंदर इत्ता 'जोश' भर गया था कि नागिन डांस खुद-ब-खुद हुए चला जा रहा था। यों भी, अपनी शादी में दुल्हे द्वारा किया गया हर डांस 'नागिन डांस' की श्रेणी में ही आता है! क्योंकि फिर ताउम्र उसे अपनी पत्नी के कहे पर डांस जो करना होता है।

बहरहाल...।

समय और इंसान चाहे कित्ती ही क्यों न बदल गया हो किंतु शादियों में नागिन डांस करने का 'स्टाइल' अब भी वही है। चाहे दुल्हा हो या बाराती या घराती या दोस्त-नाते-रिश्तेदार- एक दफा जब नागिन डांस करने उतरते हैं तो फिर अपनी पूरी उतारकर ही दम लेते हैं। खास बात, लगा लेने के बाद नागिन डांस की मस्ती और भी अधिक बढ़ जाती है। फिर चाहे आप कोई सा भी डांस करें, खुद-ब-खुद नागिन डांस में परिवर्तित हो ही जाता है।

सच बोलूं, मैं शादियों में जाता ही इसलिए हूं ताकि नागिन डांस करते लोगों को देख 'एंजॉय' कर सकूं। नागिन डांस का असली लुत्फ सड़क पर आड़े-तिरछे हाथ-पैर मारकर करने में है, वो डीजे पर थिरकने में नहीं। डीजे पर आप उत्ती 'बेसुधगी' और 'आवरगी' के साथ डांस कर ही नहीं सकते जैसा सड़क पर कर सकते हैं। दोनों हाथों को नागिन स्टाइल में सिर पर रख, कोट उतार, टाई की नॉट को ढीला कर, मस्त नागिन धुन पर डांस करने में जो 'आनंद' मिलता है, उसे शब्दों में बयां करना वाकई मुश्किल है। उस वक्त नागिन डांस करने वाला भले ही आपको बेवकूफ-सा नजर आए पर होता कमाल का है।

मैंने देखा है, अब तो लड़कियां-औरतें भी शादियों में सड़क पर नागिन डांस करने लगी हैं। पर वे अपने नागिन डांस में थोड़ी 'शीलनता' बरतती हैं। फिर भी कोशिश उनकी यही रहती है कि नागिन डांस की मस्तियों का खुलकर आनंद लिया जाए। शादियों में जिसने डांस करने में कोताही बरती या शर्म-हया का ख्याल रखा फिर उसने कुछ भी एंज‌‌ॉय नहीं किया। शादियां सिर्फ लिफाफा देने या बढ़िया खाना खाने के लिए ही नहीं होतीं मस्त नागिन डांस के साथ-साथ अपने भीतरी डांसिंग हुनूर को सामने लाने के लिए भी होती हैं।

उन लोगों के प्रति मैं 'सम्मान' का भाव रखता हूं, जो शादी चाहे किसी की भी हो मगर डांस या नागिन डांस करना नहीं भूलते। न केवल खुद पूरे जोश के साथ नाचते हैं बल्कि आजू-वाजू वालों को भी नचाते हैं। भीड़ में से खिंचकर किसी बंदे या बंदी को लाना और उससे डांस करवाना वाकई बहुत 'क्रांतिकारी टास्क' है। उनके किए नागिन डांस को खुद अगर नागिन कहीं देख ले, तो मेरा दावा है, 'शर्मा' जाएगी।

मेरे विचार में- नागिन डांस पर 'गहन शोध' की आवश्यकता है। नागिन डांस पर न केवल गोष्ठियां बल्कि अखबारों-पत्रिकाओं में बहसतलब लेख भी जरूर आने चाहिए। ताकि जिन्होंने शादियों में कभी नागिन डांस न किया हो, उन्हें ऊर्जा मिल सके, इसको करने की। खास बात, शादी के कार्ड में भी नागिन डांस करने का जिक्र अवश्य होना चाहिए। ताकि बंदा-बंदी घर से ही प्रिपेयर होकर चले। क्योंकि शादियों का सबसे 'हिट डांस' तो 'नागिन डांस' ही है।

2 टिप्‍पणियां:

Kavita Rawat ने कहा…

मैं भी अक्सर शादी व्याह में नागिन डांस देखती हूँ तो सोचती ही आखिर नागिन डांस ही क्यों नाग डांस क्यों नहीं करते लोग बाग़ ....
मजा आया पढ़कर ..बढ़िया चिकोटी

madhu arora ने कहा…

=D =D :P bahut badhia likha.