शुक्रवार, 26 सितंबर 2014

एलियंस बिरादरी का प्रधानमंत्री के नाम पत्र

चित्र साभारः गूगल
हमारे मंगलयान के मंगल ग्रह पर कदम रखने की खबर एलियंस बिरादरी को भी लग चुकी है। एलियंस बिरादरी खासा परेशान है। ठीक से समझ नहीं पा रही कि क्या किया जाए? इस बाबत उन्होंने आपस में कई राउंड मीटिंगस भी कर डाली हैं। मीटिंग में फिलहाल यह तय हुआ है कि भारत के प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जाए। (दरअसल, एलियंस बिरादरी को डर है- जीवन की संभावना के चक्कर में- कहीं मनुष्य मंगल को भी घरती जैसा न बना दे।)

प्रिय प्रधानमंत्रीजी,
आपके वैज्ञानिकों द्वारा भेजा गया मंगलयान हमारे मंगल पर 'सुरक्षित खड़ा' है। हम यह भली-भांति जानते-समझते हैं कि इसे यहां क्यों भेजा गया है। तमाम प्रकार की खोजों के बीच आपके वैज्ञानिकों का 'प्रमुख उद्देश्य' मंगल पर जीवन की संभावना को तलाशना है। बस हमें इसी बात का सबसे ज्यादा डर है।

हम यह कतई नहीं चाहते कि घरती का इंसान हमारे प्यारे और शांत ग्रह पर खोजा-खाजी करे या आकर रहे। क्योंकि, हमने ऐसा सुन-देख रखा है, घरती का इंसान जहां भी गया है, अपने स्वभाव के कारण उसने वहां के वातावरण को नुकसान ही पहुंचाया है। कहीं अगर आपके इंसान ने हमारे मंगल पर कदम रख दिए तो यहां 'अमंगल' होना निश्चित है। हम हमारे प्यारे मंगल का न अमंगल चाहते हैं न ही अहित।

हम अच्छे से जानते हैं, पहले एक इंसान कदम रखेगा बाद में अपने पूरे परिवार, पड़ोसियों, नाते-रिश्तेदारों को यहां ले आएगा। खुद तो आएगा ही साथ अपने पालतू जानवरों को भी ले आएगा। घरती के इंसान की यह खूबी है कि वो जहां जाता है, जानवर जरूर साथ ले जाता है। मंगल पर आनकर जित्ती 'गंध' इंसान फैलाएगा, उसे कहीं ज्यादा जानवर।

इंसान और जानवर दोनों ही हमारे स्वस्थ वतावरण के लिए खतरा हैं।

ऐसा नहीं है कि हम घरती पर इंसान के बर्ताव से वाकिफ नहीं हैं, खूब वाकिफ हैं। हमें जब भी मौका मिलता है, घरती का चक्कर लगा आते हैं। किंतु ज्यादा दिनों तलक घरती पर ठहर इसीलिए नहीं पाते क्योंकि यहां हमारे वास्ते जमीन ही नहीं है। सारी जमीनों पर तो यहां 'इल-लीगल' कब्जे हैं। जमीनों के वास्ते मार-काट यहां आम बात है। कल को ऐसा ही कुछ हमारे मंगल ग्रह पर भी घटित हो सकता है। हमने सुना है कि घरती के कुछ इंसान मंगल पर जमीन खरीदने का मन भी बना रहे हैं। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे। मंगल हमारी घरती है। हम हमारी घरती पर इंसान को कब्जा नहीं करने देंगे, नहीं करने देंगे। चाहे जो हो जाए।

प्रधानमंत्रीजी, हमारी एलियंस बिरादरी आपसे गुजारिश करती है कि अपने वैज्ञानिकों को कहकर इस मंगलयान को यहां से हटवाने की कृपा करें। हमारा मंगल आपके इस भारी-भरकम मंगलयान का बोझ सह नहीं पाएगा। हमारे बच्चे इस दैत्याकार चीज को देकर खासा डरे हुए हैं।

हम उम्मीद करते हैं कि आप हमारे पत्र को संज्ञान में लेकर 'उचित एक्शन' लेंगे।

धन्यवाद सहित-
एलियंस बिरादरी (मंगल ग्रह)

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