सोमवार, 25 अगस्त 2014

मुझे चाहिए भारत रत्न

चित्र साभारः गूगल
कायदे में भारत रत्न मुझे मिलना चाहिए। केवल मैं ही भारत रत्न का 'असली हकदार' हूं। चाहो तो अंतरराष्ट्रीय स्तर सर्वे करवा लो।

दरअसल, भारत रत्न पर मेरी दावेदारी वरिष्ठ लेखक होने के नाते भी बनती है। यों भी, साहित्य और राजनीति के मैदान में वरिष्ठों की खास ठस्का रही है। भारत रत्न तो क्या साहित्य और राजनीति का प्रत्येक वरिष्ठ खुद को किसी न किसी सम्मान-पुरस्कार का विशेष हकदार मानता है। मगर मैं जरा अलग किस्म का वरिष्ठ लेखक हूं। छोटे-छाटे पुरस्कार मैं लेता नहीं। हमेशा हाथ बड़े या ऊंचे पुरस्कार पर ही मारता हूं। उसी के वास्ते लॉबिंग करता हूं। यही वजह है कि साहित्य का हर ऊंचा पुरस्कार मेरे कने है। इस हकीकत को न मैं किसी से छिपाता हूं न शर्माता। मुझे अपनी बेबाकी पर नाज है।

भारत रत्न जैसे पुरस्कार बने ही मेरे लिए हैं। इसे आप मेरी कोरी लफ्फबाजी न समझें- हकीकत यही है। खुद को भारत रत्न दिए जाने का दावा मैं इसीलिए भी करता हूं क्योंकि मेरी गिनती न केवल देश बल्कि संसार के चुनिंदा वरिष्ठ लेखकों में होती है। न केवल भारत बल्कि विदेशों तक में मेरी लिखी किताबों पर निरंतर शोध-संवाद-विवाद-बहस होती रहती है। मुझे खुद ठीक से याद नहीं कि मैं अब तलक कित्ती विदेश यात्राएं कर आया हूं। मेरे परिचय में किताबों से ज्यादा लंबा जिक्र मेरी विदेश यात्राओं का है।

अब यह बात अलहदा है कि मुझ जैसे वरिष्ठ लेखक को मेरे ही मोहल्ले वाले न जाने न पहचानें पर संसार तो जानता-पहचानता है। मेरे लिखे-कहे का 'लोहा' पूरी दुनिया में माना जाता है।

एक लेखन ही नहीं और भी कई प्रकार की 'धांसू उपलब्धियां' भरी पड़ी हैं मेरे खाते में। लेखक होने के साथ-साथ मैं एक 'बेहतरीन पतंगबाज' भी हूं। सिर्फ  पतंगबाजी-पतंगबाजी में ही मेरे कई रिकार्ड, कई पुरस्कार हैं। लेखन से जब भी फुर्सत पाता हूं, पतंगबाजी करता हूं। सही मायनों में मैं 'लेखक-कम-पतंगबाज' हूं।

इत्ती योग्यताओं के बाद कोई 'शुबा' बचता नहीं मुझे भारत रत्न न मिलने का।

फिर भी, सरकार जिनको भारत रत्न देना चाहती है, शौक से दे, पर मेरा ध्यान भी रखे। अगर वे सब भारत रत्न के हकदार हैं तो मैं भी हूं। मुझे भारत रत्न मिलना न केवल लेखकीय बिरादरी बल्कि देश का भी सम्मान होगा।

फिलहाल, इंतजार में हूं कब प्रधानमंत्रीजी मेरे नाम की घोषण- भारत रत्न- के लिए करते हैं। कृपया, आप सब भी दुआ करें।

2 टिप्‍पणियां:

निर्मला कपिला ने कहा…

मुझे भी चाहिये भारत रत्न आपके लिये क्यों दुआ करूं? हा हा हा सोन्दर व्यंग 1

Anshu Mali Rastogi ने कहा…

शुक्रिया निर्मालाजी।