मंगलवार, 19 अगस्त 2014

नंगा होने के लिए दिमाग चाहिए

चित्र साभारः गूगल
नंगा होने के लिए शरीर से ज्यादा दिमाग की जरूरत होती है। यों नंगा तो हर कोई हर कहीं हो सकता है किंतु दिमाग लगाकर नंगा होने की बात ही कुछ और है। दिमाग लगाकर नंगा होने में 'स्टाइल' झलकता है। आजकल जमाना स्टाइल का है। जिसके कने अपना स्टाइल है, वो ही सबसे अधिक स्मार्ट है।

कहने वाले कह रहे हैं कि फिल्म पीके के पोस्टर में आमिर खान ने नंगा होकर न केवल अपनी छवि बल्कि भारतीय संस्कृति का भी 'अपमान' किया है। यह देश के युवाओं को नग्नत्त्व के रास्ते पर ले जाने की चाल है। दरअसल, ऐसा कहने वाले लोग 'नादान' हैं। वे शरीर से नंगा होने और दिमाग लगाकर नंगा होने के फर्क को जानते-समझते ही नहीं। आमिर खान जैसा परफेक्शनिस्ट अगर पोस्टर में नंगा हुआ है, तो जरूर उसके पीछे कारण रहा होगा। बे-कारण फिल्म लाइन में भला कौन नंगा होता है?

कोई फिल्म की कहानी की मांग के अनुसार नंगा होता है। कोई गाने की मांग के अनुसार नंगा होता है। कोई एकस्पोज करने की खातिर नंगा होता है। कोई जगह बनाने के लिए नंगा होता है। यानी, नंगा होने के पीछे कोई न कोई मतलब जरूर रहता है। कुछ ऐसे भी होते हैं जो बेमतलब नंगे होते हैं। उनके नंगा होने के कारण को केवल वे ही समझ सकते हैं।

बताते हैं, आमिर खान बाजार की नब्ज को पकड़ने के महारथी हैं। उन्हें मालूम है कि बाजार में कौन-सी चीज कैसे बिक या बेची जा सकती हैं। इत्ते सालों से फिल्म लाइन में वे बेचा-बाची ही तो करते आए हैं। मंगल पांडे में मूंछों का स्टाइल बेचा। गजनी में बालों का स्टाइल बेचा। और अब पीके में टेपरिकार्डर का सहारा पाकर नग्नत्त्व को बेचने की जुगाड़ में हैं। यह उनका हिट होने का फार्मूला है।

वैसे यह बात अच्छी है कि हमारे देश में सबकुछ बिककर हिट हो जाता है। इंटरटेनमेंट के नाम पर जब डर्टी पिक्चर बिक कर हिट हो सकती है तो फिर पीके क्या चीज है? बेचने वाले को बस बेचने की कला आनी चाहिए। फिर नंगापन बेचो या कामासूत्रा... कोई फर्क नहीं पड़ता।

अपने दमदार दिमाग के बहाने आमिर खान नग्नत्त्व को चर्चा और बहस में ले आए हैं। इसका पूरा फायदा आगे चलकर उन्हें और उनकी पीके को मिलेगा- तय है। लेकिन हम-आप आमिर खान के बहाने भारतीय संस्कृति की दुहाईयां दे-देकर यों ही आसमान सिर पर उठाए रहेंगे। और वे अपने माल को बेचकर पतली गली से खिसक लेंगे।

तो नग्नत्त्व पर माथे पर लकीरें डालना छोड़कर उसे एन्जॉय कीजिए।

4 टिप्‍पणियां:

Pradeepika Saraswat ने कहा…

अच्छा लिख रहे हैं आप

Anshu Mali Rastogi ने कहा…

शुक्रिया। शुक्रिया।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

बढ़िया :)

राजा कुमारेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा…

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