गुरुवार, 10 जुलाई 2014

रेल बजट बनाम सेंसेक्स

चित्र साभारः गूगल
सेंसेक्स के अच्छे खासे अच्छे दिन चल रहे थे कि रेल बजट ने बीच में आकर काम खराब कर दिया। रेलमंत्री ने बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा क्या करी, सेंसेक्स गश खाकर धड़ाम हो गया। लगता है, सेंसेक्स को न रेल बजट पसंद आया, न बुलेट ट्रेन का इरादा। सेंसेक्स ने एक ही दिन में पांच सौ अंकों का गोता क्या लगाया कि चारों तरफ किस्म-किस्म की अफवाहों का बाजार गर्म होने लगा। सुनने में आया है कि विदेशी निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा निकालने के मूड में हैं! आम बजट के बाद वे ऐसा कर सकते हैं!

चाहे बजट हो या महंगाई या अफवाह सारी मार अंतत: पड़ती सेंसेक्स पर ही है। एक तो वो वैसे ही इत्ता संवेदनशील होता है कि जरा-सी छींक पर सहम जाता है, ऊपर से अफवाह की गर्मी बेचारे को और पिघला देती है। देखिए न, बहाना रेल बजट का बना, नुकसान बेचारे सेंसेक्स को उठाना पड़ा।
ऐसा कम ही होता है, जब रेल बजट पर सेंसेक्स कोई प्रतिक्रिया दे। उसका दारोमदार तो आम बजट पर टिका होता है। लेकिन इस दफा तो कमाल ही हो गया। उधर, रेलमंत्री ने बजट पेश किया, इधर सेंसेक्स आपे से बाहर हो गया। चलिए, प्रतीकात्मक तौर पर थोड़ा-बहुत गिर जाता, बर्दाशत कर लेते, लेकिन एकदम पांच सौ अंक, बहुत होते हैं जनाब।

अब उड़ाने वाले खिल्ली उड़ा रहे हैं कि देखो, अच्छे दिन का सेंसेक्स रेल बजट पर ही धड़ाम हो गया। बुलेट ट्रेन का तोहफा कबूल नहीं कर पाया। अभी रेल बजट पर यह हाल है, तो आम बजट पर क्या होगा? कहने वालो का क्या है, कु छ भी कहते-बोलते रहते हैं। किंतु सेंसेक्स के मन की बात तो केवल सेंसेक्स ही जान सकता है। हम तो केवल अनुमान लगा सकते हैं। सेंसेक्स अगर इत्ता गिरा है, तो कोई न कोई कारण तो रहा ही होगा? सेंसेक्स कोई हर समय भांग तो चढ़ाए रहता नहीं कि जहां-तहां बेसुध होकर लुढक़ जाए।

और फिर इत्ते लंबे से निरंतर नई बुलंदियों को छू रहे सेंसेक्स ने अगर पांच सौ अंक का गोता लगा भी लिया तो कौन-सा पहाड़ टूट गया? या कौन सा सूरज ने दक्षिण से निकलना शुरू कर दिया? छब्बीस हजार का मुकाम हासिन करना कोई छोटी बात नहीं होती प्यारे। अच्छों-अच्छों के टांके ढीले पड़ जाते हैं।

सेंसेक्स ने अगर अब तलक अच्छे दिन दिए हैं, तो एकाध बुरे दिन के लिए भी हमें तैयार रहना चाहिए। हमारा सेंसेक्स बहुत समझदार है। वो अच्छे से जानता है कि उसे कहां गिरना है और कहां चढऩा और कहां सुस्त पड़े रहना।

आम बजट के बाद देखिएगा सेंसेक्स की बुलेट चाल।

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