सोमवार, 19 मई 2014

टि्वटर पर रजनीकांत

चित्र साभारः गूगल
मेरी बचपन से चाहत रजनीकांत जैसा बनने की थी! रजनीकांत की फिल्में देख-देखकर अक्सर उनके जैसा एक्शन या स्टंट किया करता था। मैंने सिगरेट पीना सिर्फ इसीलिए शुरू किया था ताकि रजनीकांत-स्टाइल में उसे सुलगा सकूं। रजनीकांत का चश्मा पहनने का स्टाइल मुझे अब तक आकर्षित करता है।

जब-जब रजनीकांत को देखता हूं शरीर में अजीब-सी उर्जा का संचार होता है। लगता है, मैं हर कठिन से कठिन काम को चुटकी बजाकर निपटा डालूंगा। यकीन मानिए, रजनीकांत स्टाइल में मैंने कित्ते ही काम चुटकी बजाकर निपटाए भी हैं। मसलन, जब बीवी बीमार हो तो घर में झाड़ू लगाना, खाना बनाना और बर्तन साफ करना। यों, घर के काम देखने में लगते बहुत आसान हैं पर जब करने बैठो तो नानी क्या परदादा तक याद आ जाते हैं। लेकिन मैं हर छोटे-बड़े काम को रजनीकांत स्टाइल में निपटाता हूं। फिलहाल, अभी तक मैंने किसी से पंगा लेकर उसे रजनीकांत स्टाइल में नहीं निपटाया है। दरअसल, थोड़ा डर-सा लगता है। वैसे कोई बात नहीं है।

इधर जब से सुना है- रजनीकांत अब टि्वटर पर आ गए हैं, मैंने भी टि्वटर पर रहना शुरू कर दिया है। फेसबुक से किनारा कर लिया है। भला यह कैसे संभव है कि रजनीकांत टि्वटर पर रहें और मैं फेसबुक पर। टि्वटर पर मैं आराम से उन्हें और वे मुझे पढ़ सकते हैं। साथ-साथ, मैंने उन्हें फॉलो भी करने लगा हूं।

न केवल बीवी बल्कि मोहल्ले के प्रत्येक मोहल्लेदार को पकड़-पकड़ कर मैंने बताया है कि मैं रजनीकांत के फॉलोअर्स में शामिल हो गया हूं। अपने मोबाइल पर भी मैंने फेसबुक को हटाकर टि्वटर को जमा लिया है। टि्वटर पर रहने का अंदाज ही कुछ और है। एक तो, चार लोगों के बीच में खुद को एक्ट्राऑडनरी-सा महसूस होता है। बड़ा गर्व-सा महसूस होता यह कहना कि अलां-फलां मुद्दे पर मैंने यह ट्वीट किया। टि्वटर पर रहना 'सामाजिक हैसियत' में भी बढ़ोत्तरी करता है।

चूंकि अब रजनीकांत टि्वटर पर हैं, इस नाते टि्वटर को भी अपने फीचर में कुछ एक्शननुमा बदलाव लाने चाहिए। रजनीकांत के स्टाइल और स्टंट की तर्ज पर इसे डिजाइन किया जाना चाहिए। आखिर लगे तो कि टि्वटर पर रजनीकांत के होने के क्या मायने हैं।

वैसे, रजनीकांत और अमिताभ बच्चन का टि्वटर पर होना टि्वटर के तईं सम्मान की बात है।

रजनीकांत के टि्वटर पर आने का असर यह हुआ है कि मेरे मोहल्ले के स्टंट-पसंद लोगों ने भी टि्वटर पर रहना शुरू कर दिया है। वे अब पड़ोसी मोहल्ले वालों को भी टि्वटर पर रहने को प्रेरित कर रहे हैं ताकि रजनीकांत के ट्वीट(स) का आनंद लिया जा सके। टि्वटर के रजनीकांतमय होने में हर्ज ही क्या है प्यारे।

3 टिप्‍पणियां:

harminder singh chahal ने कहा…

एक बात मजेदार लगी कि रजनीकांत के कारण आपके मोहल्ले के लड़के भी ट्विटर पर आ गये हैं। पता कीजियेगा कि कहीं वे वहां भी स्टंट न कर रहे हों।

आभार!

Prasanna Badan Chaturvedi ने कहा…

बेहद उम्दा प्रस्तुति के लिए आपको बहुत बहुत बधाई...
नयी पोस्ट@आप की जब थी जरुरत आपने धोखा दिया (नई ऑडियो रिकार्डिंग)

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन जल ही जीवन है - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !