गुरुवार, 13 फ़रवरी 2014

वेलैंटाइन डे का जीवन में महत्त्व

चित्र साभारः गूगल
प्रस्तुत निबंध दर्जा सात के छात्र की कापी में से कॉपी किया गया है। निबंध का शीर्षक है- 'वेलैंटाइन डे का जीवन में महत्त्व'।

वेलैंटाइन डे पर्व का हमारे जीवन में उत्ता ही महत्त्व है, जित्ता रजाई का जाड़ों में। यह पर्व हर साल 14 फरवरी को संत वेलैंटाइन के नाम पर मनाया जाता है। जनश्रुति के अनुसार, संत वेलैंटाइन बहुत ऊंचे दर्जे के प्रेमी थे। प्रेम को जीवन में बहुत महत्त्व दिया करते थे। दिल के साथ-साथ व्यवहार में भी प्रेम रखा करते थे। हमेशा कहा करते थे कि हर किसी को दबाकर प्रेम करना चाहिए। इसीलिए वेलैंटाइन डे को हम प्रेम दिवस के रूप में मनाते हैं। और कामना करते हैं कि इस दिन सब एक-दूसरे से प्रेम करें।

बताता दें, वेलैंटाइन डे पर्व न केवल भारत बल्कि अन्य देशों में भी एक साथ मनाया जाता है। इस पर्व पर उपहारस्वरूप दिल देने-लेने की परंपरा है। एक मान्यता के अनुसार, इसी दिन आई लव यू सबसे अधिक बोला जाता है। जो लोग आई लव यू सीधा बोलने में डरते हैं, वे अपनी बात एसएमएस या वॉट्सएप्प के जरिए रखते हैं। कुछ तो अपने आई लव यू का वीडियो बनाकर ही भेज देते हैं।

इस पर्व हर कोई व्यस्त रहता है। शहर के पार्क एवं रेस्त्रां लड़का-लड़की के मेल-मिलापों से भरे रहते हैं। सभी एक-दूसरे के हाथों में हाथ डालकर अपने-अपने प्रेम का इजहार करते हैं। जिसके इजहार को 'स्वीकृति' मिल जाती है, वो खुश हो जाता है। और जिसके इजहार पर 'न' हो जाती है, वो देवदास बन जाता है। देवदास बनकर या तो केएल सहगल के गीत सुनता है या फिर मिर्जा गालिब की गजलों में डूबकर अपने गम को गलत करता है। देशी व विदेशी ठर्रे की बिक्री भी इस दिन खूब होती है।

लेकिन कुछ अंकल लोग इस पर्व को अच्छा नहीं मानते। वे इसे गंदी निगाह से देखते हैं। उनके अनुसार वेलैंटाइन डे का पर्व हमारी महान भारतीय सभ्यता-संस्कृति के अपमान का प्रतीक है। यह पर्व हमारे देश के लड़का-लड़की को गलत राह पर ले जा रहा है। अंकल लोग इस पर्व का विरोध तरह-तरह से करते हैं। संत वेलैंटाइन का पुतला जलाते हैं, विदेश सामान का बहिष्कार करते हैं, लड़का-लड़की को मुर्गा भी बनाते हैं।

इस पर्व पर प्रत्येक शहर में उत्ती ही पुलिसिया सख्ती रहती है, जित्ती कि गणतंत्र दिवस वाले दिन। सभी थानों को विशेष आदेश होते हैं- गड़बड़ी मिलने पर तुरंत एक्शन लें।

वैसे जिन अंकलों को वेलैंटाइन डे का पर्व अच्छा नहीं लगता, उन्हें इस पर अधिक ध्यान नहीं देना चाहिए। बस अपने काम से मतलब रखना चाहिए। कुछ खराब अंकलों के कारण ही वेलैंटाइन डे का पर्व गुंडई का प्रतीक बनता जा रहा है।

वेलैंटाइन डे पर्व से हमें प्रेम करने के साथ-साथ खुश रहने की प्ररेणा भी मिलती है। प्रत्येक को यह दिवस प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाना चाहिए। विरोध से सिवाय जंग-हंसाई के कुछ प्राप्त नहीं होता।

अंत में, हमें संत वेलैंटाइन को हृदय से धन्यवाद देना चाहिए कि उन्होंने इत्ता खूबसूरत दिन बनाया। हम सब को आपस में प्रेम एवं भाईचारे के साथ ही रहना चाहिए। हैप्पी वेलैंटाइन डे।

कोई टिप्पणी नहीं: