गुरुवार, 2 मई 2013

आइपीएल है तो तरक्की है!


होते हैं कुछ लोग जिन्हें देश की तरक्की को देखकर हर समय जलन-सी होती है। उन्हें हर तरक्की के पीछे बाजारवाद-पूंजीवाद की बू आती है। अब देखिए न, हमारा देश कित्ती तरक्की कर रहा है! देश से प्रत्येक छोटी-मोटी समस्या-दिक्कत गायब हो चुकी है। गरीब भी अब गरीब कहां रहे हैं। न यहां कोई भूखा है न नंगा। न महंगाई है न भ्रष्टाचार। सब मस्त होकर जंपिंग-जपांग की धुन पर उदबिलाऊ नृत्य कर रहे हैं। टी.वी. पर विज्ञापन चीख-चीखकर कह रहे हैं, अब हर कोई नाचेगा, कोई नहीं बचेगा। तो प्यारे आइपीएल की इस अलबेली घड़ी में हर कोई नाच और बजा ही रहा है।

यह आइपीएल की तरक्की है। और, आइपीएल की तरक्की देश की तरक्की है। मुझे आइपीएल और देश की तरक्की पर नाज है।

मैं जानता हूं मेरी इस सोच से प्रगतिशील सहमत न होंगे। उन्हें मेरी सोच और विचार में से बाजारवाद-पूंजीवाद की बू आ रही होगी। मेरी सोच के साथ, अब तलक वे मुझे खारिज भी कर चुके होंगे। किंतु मैं परवाह नहीं करता। मैं समय के साथ चलने-संवरने वाला प्राणी हूं। बाजार मेरी आत्मा और पूंजी मेरा शरीर है।

क्या आपने देखा नहीं कि आइपीएल के शुरू होते ही देश-समाज में से हर समस्या विलुप्त-सी हो गई। खबरिया चैनलस अब महंगाई-गरीबी पर कम और आइपीएल की तड़क-भड़क पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं। आइपीएल की खबरों में जो मस्ती है, वो देश से जुड़ी खबरों में कहां। देश का हाल नेता जानें। खेल का हाल बताने को खबरिया चैनलस हैं ही।

जी हां, इसे ही तो कहते हैं तरक्की का असली मुकाम।

क्यों भूलते हैं, केवल आइपीएल के सहारे ही देश में करोड़ों रुपया आएगा। खिलाड़ियों को लाखों रुपए बांटे जाएंगे। विज्ञापन एजंसियां और अमीर बनेंगी सो अलग। खबरिया चैनलों की टीआरपी बढ़ेगी। क्या इससे हमारे देश, हमारे खेल का नाम ऊंचा न होगा! देखिए, पूंजी से ही पूंजी बढ़ती है और बाजार से ही बाजार बढ़ता है। फिर इस तरक्की पर प्रगतिशीलों को क्यों और किसलिए आपत्ति होनी चाहिए?

यह सब पहचान को नया आकार देने के लिए जरूरी है।

हमें एहसानमंद होना चाहिए आइपीएल का कि इसने कुछ दिनों के लिए ही सही मगर बेफालतू की चिंताओं से मुक्त तो किया। नहीं तो हर समय यहां-वहां कांय-कांय ही लगी रहती थी। पर अब काफी राहत है।

मैं तो कहता हूं, मस्त होकर आइपीएल देखिए। चियरलिडर्स के ठुमकों पर मदहोश होइए। पानी तरह पैसे को बहने दीजिए। जिसे जो कहना है, उसे कहने दीजिए, आप तो बस यह मानकर चलिए कि देश तरक्की कर रहा है, भले ही आएपीएल के बहाने सही।

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