रविवार, 28 अप्रैल 2013

जियो प्यारे गेल

प्यारे क्रिस गेल, सचमूच तुम कमाल हो। क्या कमाल का धमाल मचाते हो। तुम्हारे इस धमाल पर मेरा दिल फिदा है। तुम्हारे करिशमाई खेल, तुम्हारे शांत व्यवहार को देखकर बेहद तसल्ली मिलती है। कित्ती सरलता से तुम खेलते हो। चाहे चौका जड़ो या छक्का रहते फिर भी कूल हो। बस हल्की-सी हंसी चेहरे पर लाकर अपनी खुशी का इजहार कर देते हो। तुम्हारी होठों पर हंसी के बीच तुम्हारे दांत मोतियों जैसी चमकते हैं।

अभी दो रोज पहले की ही तो बात है। क्या धांसू खेले तुम। तुम्हारे बल्ले ने चौकों-छक्कों से नीचे बात ही नहीं की। एक ही पारी में 17 छक्के और 13 चौके जड़कर तुमने क्रिकेट के धुरंधर वरिष्ठों को भी पीछे छोड़ दिया। नाबाद 175 रन ठोके, वो भी पूरी मस्ती के साथ। चेहरे पर कोई चिंता न लाए हुए।

तुम्हारे शांत चेहरे, शांत खेल को देखकर लगता है कि क्रिकेट ऐसे ही शांत मूड में खेला जाना चाहिए। पता नहीं खिलाड़ी लोग क्यों एक-दूसरे पर चौड़े या आक्रोशित होते रहते हैं।

प्यारे गेल, तुम्हारी खुश का इजहार करने का ढंग, डांस के साथ, मुझे बेहद पसंद आता है। मैदान पर तुम्हारा हल्का-फुल्का डांस कित्ता लाजवाब होता है। अक्सर मन करता है तुम्हारे अद्भूत डांसिंग स्टेप्स को फोलो करने का। खेल के साथ-साथ डांस का लुत्फ तुम्हीं ने लेना सिखाया है।

जिनके बल्ले में होगी आग वे अपनी आग अपने पास रखें मगर तुम्हारे बल्ले में आग नहीं तूफान है। एक मीठा तूफान। जिसकी गिरफ्त में आकर हर कोई तृप्त हो जाना चाहता है। ऐसा तृप्त करने का हुनर बहुत कम खिलाड़ियों में होता है।

तुम्हारे खेल को देखकर अक्सर मुझे महसूस होता है कि खेल ऐसा ही होना चाहिए। क्रीज पर खड़े-खड़े ही तुम आतिशी कमाल कर देते हो। फिर यह कमाल धमाल में बदल जाता है। उस दिन क्या मैदान, क्या घर, क्या दफ्तर हर कोई तुम्हारी आतिशी बल्लेबाजी के संगीत में डूबा जा रहा था। केवल बल्ले से संगीत तुम बजा रहे थे और मगन हम हुए जा रहे थे। गेंदबाज तो लग रहा था कि तुम्हारे बल्ले का मुरीद ही हो गया हो जैसे। गेंद फेंकने के बाद देख ही नहीं पा रहा था कि गेंद जा किधर रही है। कई दफा तो तुमने गेंद को मैदान ही लांघवा दिया था। उस दिन तो बेचारी गेंद भी तुमसे पनाह मांग गई होगी प्यारे गेल।

मैदान पर आज तलक धोनी ने भी इत्ता नहीं धोया होगा, जित्ता प्यार से तुम धोते हो। धोते हो तो बस धोते ही चले जाते हो। सामने वाले को मौका भी नहीं देते धुलाई के बाद सुस्ताने का। इत्ती मस्त ऐनर्जी कहां से पाई है तुमने प्यारे गेल।

सोचा रहा हूं, एक दफा तुम्हें अपने शहर में बुलाऊं। तुम्हारा आदर-सत्कार करवाऊं। युवाओं को बताऊं कि अगर खेलना है तो क्रिस गेल के जैसा खोलो वरना मत खेलो। खेल में पेशेंस का दामन कभी न छोड़ो, जैसाकि गेल में है।

प्यारे गेल, तुम्हारे खेल के आगे हर आग फेल है। तुम तो फुल इंटरटेनर हो।

मेरी दुआ है, तुम ऐसे ही खेल के सहारे धमाल मचाते रहो। तुम्हारे धमाल के साथ शायद क्रिकेट का रंग-ढंग कुछ और बदले; ऐसी मुझे उम्मीद है।

जियो प्यारे क्रिस गेल।

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