सोमवार, 26 दिसंबर 2011

बीना मलिक के बहाने

मेरे दिल ने 'बहकने' का एक नया मगर 'खूबसूरत-सा' ठिकाना ढ़ूढ लिया है। मेरे दिल को यह खूबसूरत-सा ठिकाना बीना मलिक में नजर आया है। इसी कारण मेरा दिल बीना मलिक के प्रति खासा उत्साहित-सा रहने लगा है। दिल का उत्साह तब से और अधिक उग्र-सा हो गया है, जब से इसने बीना मलिक के, एक अंग्रेजी पत्रिका को समर्पित किए अति-उत्साही चित्रों का अवलोकन किया है। दिल ने जिद-सी पकड़ ली है कि अब ऊ ला ला का स्वांग सिर्फ बीना मलिक के साथ ही रचा जाए। हालांकि मैं अच्छी तरह से जानता हूं कि यह इत्ता आसान नहीं लेकिन क्या करूं अपने दिल के बहकने के हाथों मजबूर हूं!
दरअसल, बहकने की इस मजबूरी में गलती दिल की भी नहीं है। क्योंकि दिल के साथ तमाम तरह के अप्रिय हादसे हुए हैं। इन हादसों में न जाने कित्ते दिलों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। इन नाकामियों ने दिल को खासा हतोत्साहित किया है। प्यार में धोखा खाना, दिलों के वास्ते बेहद हानिकारक साबित हुआ है। लेकिन बदलते परिवेश के साथ दिलों के बहकने और बहलने के अंदाज भी काफी हद तक बदल-से गए हैं। अब दिल किसी एक पर टिककर रहना पसंद नहीं करता। दिल की रंगीनियत को बरकरार रखने के वास्ते मैंने भी दिल्लगी के तरीकों को बदला लिया है। ताकि मेरा दिल स्वस्थ रह सके। दिल को वहीं मशगूल किया है, जहां मस्ती का रस अधिक हो। दिल के टूटे टुकड़ों को पुनः जोड़ने के लिए मस्ती का सहारा जरूरी है प्यारे।

बताते हुए क्या शर्माना, मेरा दिल बहकने के तमाम मस्त प्रयोग कभी मुन्नी, कभी शीला, कभी जलेबी बाई आदि-इत्यादि पर कर चुका है। मगर रिकार्ड है, इमोशनल कहीं नहीं हुआ है। क्योंकि इमोशनल अत्याचार दिल के आचार-व्यवहार पर विपरित प्रभाव डालता है। इसलिए हमें कोशिश करनी चाहिए कि दिल को कभी इमोशल न होने दें। धनुष ने इस बात को कोलावेरी डी सांग में हमें अच्छे से बताया है।

मेरे दिल को बीना मलिक के भीतर कई प्रकार की मस्त संभावनाएं नजर आई हैं। उनका दिल भी कभी किसी एक पर टिककर नहीं रहता। पहले एश्मित पर अटका था, उसके बाद कहीं और अटक गया। लगता है बीना मलिक का दिल खासा महत्वाकांशी है। जहां बहलने की सुविधा देखता है, वहीं अटक जाता है। आज के समय के हिसाब से यह ठीक भी है। शायद इसी दम पर बीना मलिक राखी सावंत का स्थान लेना चाहती हैं। राखी ने भी स्वयंवर रचाया, दिल को बहलाया और बाद में हंसी-खुशी उससे मुक्त हो लीं। संभवता उन्हीं रास्तों पर अब बीना मलिक हैं।

सनसनी को बनाए रखने में बीना मलिक तो राखी सावंत की भी उस्ताद निकलीं। तभी तो अपने न्यूड चित्रों पर खूबसूरत-सी सफाई दे दी कि यह मेरे नहीं बल्कि मेरे चित्रों के साथ छेड़खानी की गई है। वाह! बीना मलिक जी खुद के साथ इत्ती मस्त छेड़खानी करवाके उससे मुकर जाना, अच्छी बात नहीं। मेरा दिल तो आपके इन मस्त चित्रों को देखकर ही बहका है। खुद को चर्चा में बनाए रखने के ताईं यह सब चलता है, बीना मलिक जी। आप बस अपने फेम को एंजॉय करो, बाकी सब अपने चाहनेवालों पर छोड़ दो।

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